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यूपी: घायल व्यक्ति की मौत पर जिला अस्पताल में हंगामा, मुआवजे की मांग पर अडे़ परिजन

Wed, 30 Oct 2019 08:26 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
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अस्पताल में हंगामा करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
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सड़क दुर्घटना में घायल हुए एक व्यक्ति की जिला अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। परिजनों का आरोप है कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति पूरी रात वार्ड में पड़ा तड़पता रहा। लेकिन अस्पताल स्टाफ ने उसकी सुध नहीं ली। काफी देर तक परिजनों ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में नहीं रखने दिया। परिजन चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई करने और मृतक के बच्चों को मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर अड़े रहे।

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बिजनौर जिले में मंगलवार शाम रेहड़ थाना क्षेत्र के गांव लामदीपुर जस्सूजोत निवासी नैन सिंह (45) पुत्र हरि सिंह धान काटकर बाइक से अपने घर लौट रहा था। गांव छतरी पट्टा के समीप पहुंचने पर उसकी बाइक मारुति वैन की चपेट में आ गई। हादसे में नैन सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया था। परिजनों ने उसे उपचार के लिए कासमपुरगढ़ी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भर्ती कराया। वहां के चिकित्सकों ने उसे प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। इमरजेंसी ड्यूटी पर कार्यरत डॉक्टर आरएस वर्मा ने मरीज को ड्रिप लगाकर वार्ड में शिफ्ट करा दिया। परिजनों के अनुसार रात में नैन सिंह को तेज से दर्द हुआ। परिजनों ने इसकी सूचना स्टाफ रूम में दी। आरोप है कि स्टाफ रूम से कोई भी चिकित्सक या पैरामेडिकल स्टाफ मरीज के पास तक नहीं पहुंचा। कई बार शिकायत करने के बाद भी कोई घायल के पास नहीं पहुंचा। इसी के चलते बुधवार सुबह नैन सिंह ने दम तोड़ दिया। नैन सिंह अपने पीछे पत्नी और छह बच्चों को रोता बिलखता छोड़ गया है।

बुधवार को परिजनों ने चिकित्सकों पर इलाज में घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। काफी देर तक तो अस्पताल के स्टाफ ने ही आक्रोशित परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। मामला बढ़ता देख अस्पताल स्टाफ ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस के समझाने पर भी काफी देर तक परिजनों ने शव को पोस्टमार्टम के लिए नहीं ले जाने दिया। नैन सिंह का भाई स्ट्रेचर के आगे लेट गया और चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई और मुआवजे की मांग की। पुलिस ने उसके साथ अन्य परिजनों को समझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। थोड़ी देर बात पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवाया।
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विधायक पति से भी भिड़ चुके हैं चिकित्सक

विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
जिला अस्पताल में चिकित्सकों की लापरवाही से मौत होने के मामले आए दिन प्रकाश में आते रहते हैं। इसके बावजूद चिकित्सक अपनी कार्यशैली में सुधार लाने को तैयार नहीं हैं। बर्न वार्ड में भर्ती एक महिला को ढंग से उपचार नहीं मिल रहा। शिकायत की तो स्टाफ उन्हें लगातार अस्पताल से ले जाने का दबाव बना रहा है। लगभग 20 दिन पूर्व सड़क दुर्घटना में मरे मां-बेटे की मौत के बाद जल्दी पोस्टमार्टम कराने को लेकर चिकित्सक और सदर विधायक सुचि चौधरी के पति ऐश्वर्य चौधरी मौसम से भी चिकित्सक भिड़ गए थे। इस दौरान जिले भर के चिकित्सकों ने मौसम के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए स्वास्थ्य सेवाएं बाधित कर दी थीं। काफी प्रयास के बाद मामला शांत हुआ था।

इस मामले की जांच कराई जाएगी। यदि वास्तव में चिकित्सकों की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित चिकित्सक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी - डॉक्टर सुखवीर सिंह, सीएमएस, जिला अस्पताल।

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