मेरठ में सरधना क्षेत्र के एक गांव में बंजारा जाति के युवक ने अपनी ही जाति की युवती को अकेला देख उसका हाथ पकड़ लिया। इस पर युवती उसके साथ निकाह करने की जिद पर अड़ गई। युवती के परिजन भी युवक से निकाह कराने की जिद पर अड़ गए। मामले में पंचायत हुई। निकाह के लिए मौलाना को बुलवाया गया। लेकिन युवक ने कबूल है, नहीं बोला। जिसके बाद मामला थाने पहुंच गया। वहां निकाह पर फैसला नहीं हो सका।
एक गांव निवासी बंजारा जाति की युवती सोमवार दोपहर गांव में किसी काम से जाने के लिए घर से निकली थी। रास्ते में बंजारा जाति के ही युवक ने उसका हाथ पकड़ लिया। युवती ने शोर मचा दिया। लोगों की भीड़ जमा हो गई। युवती ने कहा कि युवक ने उसका हाथ पकड़ा है तो अब वह इसी से निकाह करेगी। परिजन भी मामले की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचे। इसे लेकर हंगामा होते-होते शाम हो गई। कुछ तय न होने पर रात में गांव में पंचायत हुई। जिसमें युवती के परिजन निकाह के लिए तैयार हो गए, लेकिन युवक के परिजन निकाह के लिए तैयार नहीं हुए। उसके बावजूद निकाह के लिए पंचों ने पंचायत में ही मौलाना को बुलवा लिया।
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मौलाना ने पंचायत में युवक व युवती से एक-दूसरे को निकाह कबूल करने को कहा। युवती ने निकाह कबूल है बोल दिया, लेकिन युवक ने नहीं बोला। जिसे लेकर पंचायत में बखेड़ा हो गया। पंचायत उखड़ गई और मामला थाने जा पहुंचा। पुलिस ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि जबरन किसी पर दबाव नहीं बनाया जा सकता। युवक ने निकाह करने से इनकार कर दिया है। बिना फैसला हुए ही दोनों पक्ष अपने घरों को लौट गए।
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पंचों ने दोनों पक्षों को कुछ दिन का समय युवक व युवती को एक-दूसरे को समझने के लिए दिया है। यदि युवक तैयार हो जाता है तो उसका निकाह करा दिया जाएगा।
युवती व उसके परिजन निकाह के लिए राजी थे, लेकिन युवक पक्ष तैयार नहीं था। गांव के कुछ जिम्मेदार लोग थाने आए थे। वह दोनों पक्षों को समझा बुझाकर गांव ले गए।
- लक्ष्मण वर्मा, थानाध्यक्ष, सरधना