बिजनौर और मेरठ को जोड़ने वाले चेतावाला गंगा पुल की एप्रोच रोड निर्माण के छह माह के भीतर ही ध्वस्त हो गई है। पहली ही बारिश में सड़क के दोनों ओर मिट्टी का कटान होने से बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। ऐसे में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस मार्ग से बिजनौर, अमरोहा और मुरादाबाद के सैकड़ों लोगों का रोजाना आवागमन होता है।
शासन ने करोड़ों रुपये की लागत से बिजनौर-मेरठ को जोड़ने वाले चेतावाला गंगा पुल का निर्माण कराया। पुल निर्माण के कई साल बाद उसके दोनों ओर आठ किलोमीटर की एप्रोच रोड तैयार हुई। बिजनौर की तरफ साढे़ चार किलोमीटर की एप्रोच रोड कई साल पहले ही बन गई थी। हस्तिनापुर की ओर करीब साढे़ तीन किलोमीटर की सड़क छह माह पूर्व ही बनाई गई है। बीते दो दिनों की बारिश ने सड़क निर्माण में बरती गई अनियमितताओं की पोल खोल दी।
बारिश के कारण कई स्थानों पर मिट्टी बह गई है। इससे बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। सड़क की ऊंचाई करीब 12 फीट है। ऐसे में हादसों की आशंका बनी हुई है। एप्रोच मार्ग पर लाइट की व्यवस्था भी नहीं है। दो माह पूर्व लखनऊ से आई टीम ने पुल से गुजरने वाले वाहनों की सुरक्षा को देखते हुए एप्रोच रोड पर दोनों ओर लाइट लगाने के निर्देश दिए थे। हालांकि अभी तक लाइट की व्यवस्था नहीं की गई है। न ही गड्ढों की मरम्मत पर ध्यान दिया जा रहा है। एप्रोच रोड की मिट्टी बहने से आवागमन बाधित हो गया है। बड़े वाहन चालक जान जोखिम में डालकर यहां से गुजर रहे हैं।
स्टेट हाईवे 147 में किया था शामिल
गंगा पुल के दोनों ओर की इस सड़क को स्टेट हाईवे 147 जसपुर रुद्रपुर में शामिल किया गया था। सड़क की हालत देखकर लग रहा है कि यह स्टेट हाईवे न होकर किसी गांव की सड़क हो। इसकी देखभाल और मरम्मत पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जबकि इस पुल से कई जिलों के लोग रोज गुजरते हैं।