हिंदी साहित्य के ख्यातिलब्ध गजलकार व कवि दुष्यंत कुमार की पुण्यतिथि पर अमर उजाला युवाओं को हिंदी साहित्य से जुड़ने का एक और अवसर उपलब्ध कराने जा रहा है। इसके लिए 30 दिसंबर को दुष्यंत कुमार की पुण्यतिथि पर अमर उजाला 'हिंदी हैं हम' अभिनव अभियान के तहत ऑनलाइन काव्यपाठ प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा।
महान गजलकार दुष्यंत कुमार की स्मृति में होने वाले इस ऑनलाइन आयोजन में सभी आयु वर्ग के प्रतिभागी भाग ले सकते हैं। प्रतिभागियों को दुष्यंत कुमार की किसी कविता या गजल का वाचन करना होगा। पंजीकरण कराने वाले प्रतिभागी ही इसमें भाग ले पाएंगे। पंजीकरण निशुल्क है।
इस प्रकार कराएं पंजीयन
प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए आवेदकों को नाम, पता, पेशा, उम्र, मोबाइल नंबर और एक फोटो व दुष्यंत कुमार की कविता-गजल के शीर्षक के साथ 9897551109 नंबर पर व्हाट्सएप करना होगा। पंजीयन की अंतिम तिथि 25 दिसंबर है।
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ये हैं प्रतियोगिता के नियम
प्रतियोगिता में पहले आओ पहले पाओ के आधार पर ऑनलाइन कविता-गजल पाठ करने का अवसर मिलेगा। प्रतिभागी को सजीव प्रसारण में घर बैठे ही जुड़कर पांच मिनट में कविता या गजल का पाठ करना है। रचना को देखे बगैर ही सुनाना होगा। प्रस्तुुतिकरण, रचनात्मकता, भावभंगिमा और समयसीमा के आधार पर अंक मिलेंगे। निर्णायक मंडल के सदस्य सजीव प्रसारण में ऑनलाइन जुड़कर निर्णय करेंगे।
बिजनौर में जन्मे थे दुष्यंत कुमार
पश्चिमी उतर प्रदेश के बिजनौर जिले की माटी में जन्मे कवि दुष्यंत कुमार हिंदी गजलों की दुनिया में श्रेष्ठ हस्ती हैं। शब्द संसार में जिसका कोई सानी नहीं हुआ। नजीबाबाद तहसील के राजपुर नवादा में दुष्यंत कुमार का जन्म हुआ। गजल संग्रह साये में धूप उनकी विशेष रचना है। एक कंठ विषपायी, और मसीहा मर गया, सूर्य का स्वागत और मन के कोण आदि उनकी प्रमुख रचनाएं हैं।