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पंचायत चुनाव में हो सकता है खूनखराबा, अपराधियों को मिली जमानत ने बढ़ाई पुलिस की बेचैनी

Wed, 23 Dec 2020 01:57 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
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UP Police - फोटो : iStock
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आगामी पंचायत चुनाव में खूनखराबा होने का अंदेशा है। वजह कई बड़े अपराधियों को जमानत मिल गई और जल्द उनकी रिहाई हो सकती है। बताया जाता है कि उक्त अपराधियों का पंचायत चुनाव में सबसे ज्यादा हस्तक्षेप रहता है। इसको लेकर पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों में बेचैनी है। 

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चुनाव से पहले पश्चिमी उप्र के कई अपराधियों को जमानत मिल गई है। वह अपने करीबियों और परिवारजनों को पंचायत चुनाव लड़ाने की तैयारी में लग गए हैं। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि यह लोग चुनाव में बवाल कर सकते हैं। बागपत जनपद में भाजपा नेता संजय खोखर, परमवीर तुगाना समेत छह लोगों की हत्या हो या मुजफ्फरनगर में दोहरा हत्याकांड, सभी के पीछे का कारण पंचायत ही है। जेल में बंद अपराधी लगातार अपने करीबियों के सामने खड़े प्रत्याशी को टारगेट बना रहे हैं। खुफिया विभाग इसका इनपुट लखनऊ भेज रहा है। 

इन बदमाशों का पंचायत चुनाव से कनेक्शन
मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली समेत कई जिलों में अपराधी अपने प्रत्याशी खड़े कर रहे हैं। इसको लेकर लोगों को धमकियां तक दी जा रही हैं। मेरठ में उधम सिंह, योगेश भदौडा, भूपेंद्र बाफर, सुमित जाट, मोनू जाट समेत कई अपराधी पंचायत चुनाव प्रभावित करते हैं। योगेश भदौडा की पत्नी सुमन जिला पंचायत सदस्य हैं। उधमसिंह की पत्नी पुष्पा देवी करनावल की चेयरमैन हैं। सुमित जाट प्रधानी चुनाव को लेकर हत्या कर चुका है। भूपेंद्र बाफर भी चुनाव लड़ा था। सुशील मूंछ प्रधानी के अलावा दूसरे चुनाव में भी हस्तक्षेप करता है।  
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इनकी हो चुकी जमानत
जेल में बंद अपराधी भूपेंद्र बाफर, सुमित जाट, मोनू जाट, संदीप उर्फ भरतू नाई, रिंकू उर्फ भूरा सुमित समेत कई अपराधियों को जमानत मिल गई है। उनके कई गुर्गे भी जमानत पर बाहर आ गए हैं। इनकी जमानत पर पुलिस ने भी कोई अपत्ति नहीं जताई। ऐसे में पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। 

हत्या में जेल गए अपराधी
सरूरपुर के हसनपुर रजापुर गांव में प्रधानी रंजिश में सुमित जाट ने तीन लोगों की हत्या की। मोनू जाट ने 2016 में रोहटा गांव में दंपती की हत्या की। रंगदारी न देने पर तीन व्यापारियों को जान से मार डाला। भूपेंद्र बाफर भी दरोगा की हत्या में जेल गया था। सुशील मूंछ भी हत्या के आरोप में जेल मे रहा। 
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पंचायत चुनाव को लेकर पुलिस अलर्ट है। जमानत पर छूटकर आए अपराधियों की निगरानी हो रही है। जमानत के बाद जिनकी रिहाई होनी है, उन पर भी पुलिस की नजर है।
 -राजीव सभरवाल, एडीजी मेरठ जोन

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