यह बीमारियां निकलीं
- दांतों में गंदगी जमा होना
- पायरिया
- मसूडों में बदबू आना
- पस पड़ जाना
- मसूड़ों में खून आना
- मुंह में दुर्गंध
- बच्चों में टॉफी-चॉकलेट ज्यादा खाने के कारण दांत खराब हो जाना
देहात वाले पायरिया, शहर वाले कैविटी से परेशान
अवलोकन करने वाले टीम के प्रभारी दंत रोग विशेषज्ञ प्रोफेसर डॉ. रियाज अहमद ने बताया कि मेडिकल में अवलोकन में पता चला कि देहात के मरीजों में पायरिया ज्यादा निकल रहा है। शहर के मरीजों में कैविटी की समस्या है। गांव में ब्रश करने का चलन कम है, जिससे वह पायरिया से पीड़ित हैं जबकि शहर में फास्ट फूड का अधिक चलन है।
सोते समय दांतों की सफाई ज्यादा जरूरी
दंत रोग विशेषज्ञ डॉ प्रीति तोमर ने बताया कि जो पदार्थ खाने के दौरान दातों पर चिपकते हैं वह सबसे ज्यादा खतरनाक होते हैं। एक साल से ज्यादा उम्र के बच्चों के दांत भी सॉफ्ट ब्रश से जरूर साफ करने चाहिए।
दूध पिलाने के बाद भी मुंह की ठीक से सफाई करनी चाहिए, जिससे दांतों में बैक्टीरिया पनपने का खतरा करीब 90 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है। सुबह और रात दोनों समय दांतों में ब्रश करना चाहिए। सुबह से ज्यादा शाम को ब्रश करना ज्यादा फायदेमंद है। इससे दांत मजबूत होते हैं। इससे पायरिया और दांतों में कीड़े लगने से निजात मिलती है।