कैंट में है शहीद स्मारक
टीम ने सवाल उठाया है कि शहीद स्मारक नगर निगम क्षेत्र में नहीं है। यह कैंट में पड़ता है। इन दिनों यहां गार्ड एमडीए ने लगा रखे हैं।
दर्शकों के लिए शेड न बेंच
दर्शकों के बैठने के लिए यहां सीढ़ियां बनाई गई हैं, इनके ऊपर टिन शेड तक नहीं है। यहां बैंच भी नहीं लगाई हैं। भीषण गर्मी में बिना पंखे और टिन शेड के लोग कैसे बैठ पाएंगे। आसपास गंदगी का अंबार है और यहां सफाई की भी व्यवस्था नहीं है।
यह भी पढ़ें:UPSC: स्मृति भारद्वाज बोलीं- ग्रेजुएशन से ही करो तैयारी, टॉपर्स की कॉपियां और अखबार जरूर पढ़ो
कई खामियां, 50 लाख आएगा खर्च
हमने सहायक नगरायुक्त इंद्रविजय को साथ लेकर पिछले माह शहीद स्मारक लाइट एंड साउंड सिस्टम का निरीक्षण किया था। इसमें काफी कमियां पायी गई हैं। आठ बिंदुओं पर रिपोर्ट तैयार करके नगरायुक्त को सौंप दी गई है। सही तरीके से साउंड सिस्टम चालू करने के लिए 50 लाख रुपये से अधिक का खर्च आएगा। पूरा प्रकरण कमिश्नर के सामने रखा जाएगा। - अमित शर्मा, अधिशासी अभियंता नगर निगम।
मानकों पर खरा है सिस्टम
हमने लाइट एंड साउंड शो संचालित करने का कार्य नगर निगम को हैंडओवर कर दिया है। अब कोई दिक्कत नहीं है। अगर मानकों पर सवाल उठाए जा रहे हैं तो ये सरासर गलत है। सभी नियमों और मानकों का पालन करते हुए ही लाइट एंड साउंड शो के सिस्टम का निर्माण कराया गया है।
- अंजू चौधरी, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी, मेरठ