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मेरठ: अफवाह के सामने सिस्टम ‘सरेंडर’, बदर के करीबी 32 और बवाली चिह्नित 

Sat, 06 Jul 2019 01:39 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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पुलिस - फोटो : अमर उजाला
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मेरठ में बवाल के बाद भारत बंद महज अफवाह थी। गुरुवार को ही कई जिम्मेदार लोगों और कई संगठनों ने पुलिस प्रशासन से कहा था कि कोई बंद नहीं है। इसके बावजूद स्कूलों को बंदकर 18 घंटे तक इंटरनेट सेवा बाधित रखी गई। अफवाहों के चलते बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ। सवाल उठता है कि आखिर इसका कौन जिम्मेदार है। 
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मेरठ में लोग शुक्रवार को दिनभर तनाव में रहे। अफवाह उड़ती रही और पुलिस बेवजह दौड़ती रही। जगह-जगह पुलिस फोर्स तैनात रही। दिनभर बेवजह तनाव देने पर अधिकारियों ने तर्क दिया कि जुमे की नमाज थी। वहीं खुफिया विभाग का इनपुट था कि कुछ असामाजिक तत्व माहौल बिगाड़ सकते हैं।

सुबह छह बजे अतिसंवेदनशील कई इलाकों में पुलिस ने ऐलान किया कि अगर कोई बखेड़ा किया तो अंजाम भुगतना होगा। इसका नतीजा यह हुआ कि दिनभर शहर में सन्नाटा पसरा रहा। लोगों ने घरों से निकलना भी नहीं मुनासिब समझा। 

भारत बंद का आह्वान किसने किया, इसका जवाब पुलिस और प्रशासन के पास भी नहीं है।सुबह छह बजे थे। एसएसपी अजय साहनी वायरलेस सेट पर बोले, अलर्ट हो जाओ। एसपी, सीओ, थानेदार सड़कों पर निकल जाएं। बस फिर क्या था, शहर छावनी में तब्दील कर दिया गया। 

लिसाड़ीगेट, कोतवाली और देहलीगेट क्षेत्र के कई अतिसंवेदनशील इलाकों में पुलिस ने माइक से ऐलान भी किया। लोगों को चेतावनी दी कि पांच-छह लोगों से ज्यादा एक जगह कोई खड़ा न हो।  शहर में किसी का पुतला न फूंके, धारा 144 लगी है। इस दौरान खरखौदा, लिसाड़ीगेट, ब्रह्मपुरी व कोतवाली सहित कई जगहों पर अफवाह उड़ी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की, लेकिन सब ठीक ठाक मिला।

प्रह्लादनगर में भी उड़ी अफवाह : प्रह्लादनगर में भी शुक्रवार दोपहर अफवाह उड़ी कि कुछ असामाजिक तत्व धार्मिक स्थल में मीटिंग कर रहे हैं। जानकारी पर सीओ ब्रह्मपुरी चक्रपाणि त्रिपाठी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन अफवाह निकली। एहतियात के तौर पर पुलिस ने पहले धार्मिक स्थल के अंदर जाकर जांच की उसके बाद फोर्स लगा दी। 

बदर के करीबी 32 और बवाली चिह्नित
भीड़ हिंसा के विरोध में बगैर अनुमति जुलूस निकालकर बवाल करने वाले 32 और बवालियों को पुलिस ने चिंह्ति किया है। उनकी तलाश में ताबड़तोड़ दबिश जारी है। रविवार को हुए बवाल में पुलिस अब तक मुख्य आरोपी बदर अली समेत 55 लोगों को जेल भेज चुकी है। जबकि 118 लोग नामजद और करीब तीन हजार अज्ञात लोग मुकदमे में शामिल हैं।

पुलिस ने अज्ञात लोगों की पहचान के प्रयास भी शुरू कर दिए हैं। अमर उजाला ने खुलासा किया था कि शहर में 55 ऐसे बवाली है, जोकि शहर के अमन में खलल डालते हैं। इनकी पहचान भी हो चुकी है। हाल ही में तीन बड़ी वारदात में यह 55 बवाली शामिल थे। उनके खिलाफ अलग अलग थानों में केस भी दर्ज हैं। 
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शुक्रवार को इन्हीं 55 बवालियों में से 32 बवालियों की पहचान फिर से पुलिस ने की। सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला ने बताया कि महताब निवासी हाजी सईद, दिलशाद, शाहिद भारती, नईम, हलीम, कमरूद्दीन, सलीम, मेहराज, अमीन, चांद, शुऐब, आमिर, शादाब, फकरूद्दीन सहित 32 बवाली चिंह्ति किए हैं। इसकी तलाश में दबिश जारी है। ये बवाली भूसा मंडी बवाल में भी नामजद हुए थे। 

मुकदमों की जांच करेगी एसआईटी
एसएसपी अजय साहनी ने बताया कि बवाल के मुकदमों की जांच के लिए स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम (एसआईटी) गठित की गई है। जिसका पर्यवेक्षण सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला करेंगे। इसमें अपराध शाखा के दो इंस्पेक्टर धन प्रकाश दक्ष और भूपेंद्र सिंह भी शामिल किए गए हैं। एसआईटी 30 जून और उसके बाद उसी क्रम में बदर अली व अन्य के खिलाफ नौचंदी, सिविल लाइन, लिसाड़ीगेट, कोतवाली और देहलीगेट में सभी छह मुकदमों की विवेचना में प्रभावी कार्रवाई करेगी।  
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