मेरठ में उप गन्ना आयुक्त राजेश मिश्र ने कहा कि चीनी मिल प्रतिनिधि अपने मिल क्षेत्र के अन्तर्गत भ्रमण करके खेतों में खड़े गन्ने को चिह्नित करें। जब तक गन्ने की आपूर्ति सुनिश्चित न हो जाये, तब तक चीनी मिलों को संचालित किया जाये। विकास कार्यों में तेजी लाई जाए। विकास कार्यों में शिथिलता बरतने और गन्ना बुवाई के लक्ष्य की पूर्ति न करने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
यह निर्देश शुक्रवार को उप गन्ना आयुक्त ने गन्ना भवन के सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए। उन्होंने पेराई सत्र 2024-25 केे अंतर्गत अवशेष पेराई योग्य गन्ने की मात्रा और चीनी मिल बंदी की संभावित तिथियों की समीक्षा की।
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उन्होंने वर्तमान पेराई सत्र में गन्ना मूल्य भुगतान, टैगिंग आदेश के अनुपालन की स्थिति, चीनी मिलों की गन्ना खरीद, पेराई, चीनी उत्पादन व रिकवरी की स्थिति व विगत पेराई सत्रों के गन्ना विकास अंशदान एवं प्रचार-प्रसार पर भी गहन समीक्षा की।
उन्होंने वसंतकालीन बुवाई वर्ष 2025-26 के लिए जिलेवार आवंटन के सापेक्ष गन्ना बीज उठान की समीक्षा की और गन्ना समितियों के रिटर्न फाईलिंग, टीडीएस वापसी एवं आडिट आपत्तियों का समस्य से निस्तारण करने के निर्देश दिए।