संस्कृत में अब हर विषय में होगा प्रैक्टिकल
बीए संस्कृत में मुख्य विषयों के साथ माइनर विषय के रूप में स्किल डेवलेपमेंट की दृष्टि से कई विषय जोड़े गए हैं। इनमें आयुर्वेद, कर्मकांड, ज्योतिष, वास्तु और योग को सिलेबस में शामिल किया गया है। चरक संहिता और वागभट रचित पुस्तक अस्टांग हृदय को भी सिलेबस में जोड़ा गया है। संस्कृत विद्वान बिल्वेश्वर महाविद्यालय के पूर्व प्रधानाचार्य प्रभु दत्त स्वामी की रचना, एनएएस कॉलेज के शिक्षक रहे डॉ. गणेश दत्त शर्मा की विवेकानंद पर लिखी पुस्तक एवं दिल्ली में शिक्षक रमांकात शुक्ल की पुस्तक को भी सिलेबस में शामिल किया गया है। नए सिलेबस में 25 फीसदी प्रैक्टिकल के विषय होंगे। संस्कृत में हर विषय में प्रैक्टिकल होगा।
विश्वविद्यालय का सराहनीय कदम
पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरणसिंह के राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक विचारों को बहुत पहले ही कोर्स में शामिल किया जाना चाहिए था। नए कोर्स में शामिल कर विश्वविद्यालय ने यह सराहनीय कदम उठाया है। - डॉ. राजकुमार सांगवान, संगठन महामंत्री, रालोद