मंदिर कमेटी अध्यक्ष महकार सिंह से वार्ता के दौरान एसएसपी ने आषाढ़ और माघ में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या और व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने स्थानीय पुलिस को निर्देश दिए कि दर्शन के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रहे।
सुबह से ही श्रद्धालुओं का मंदिर में पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था, जो लगातार जारी रहा। महंत पर्णपुरी महाराज ने बताया कि श्रद्धालु मां को दूध-दही से बने व्यंजन अर्पित करते हैं और मन्नतें मांगते हैं। ऐसी मान्यता है कि मां भद्रकाली से मांगी गई मुराद व्यर्थ नहीं जाती, यही कारण है कि मन्नत पूरी होने पर श्रद्धालु दोबारा आषाढ़ और माघ के सोमवारों को यहां आते हैं।
उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली और हरियाणा से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। पुलिस बल भी पूरे परिसर में मुस्तैद रहा ताकि दर्शन व्यवस्था और सुरक्षा में कोई चूक न हो।