मेरठ से लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी आदि स्थानों के लिए हवाई उड़ान का सपना जल्द पूरा हो सकता है। शासन ने जिला प्रशासन से जमीन अधिग्रहण में आने वाले खर्च का ब्योरा तैयार करने के लिए कहा है। तहसील की टीम ने प्रक्रिया शुरू कर दी है।
हवाई पट्टी विस्तारीकरण के लिए 200 हेक्टेयर जमीन की जरुरत है। इसी को देखते हुए हवाई पट्टी के आसपास के गांवों के खसरों की मिलान प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अगले दस दिन में रिपोर्ट तैयार करके शासन को भेजी जाएगी।
हवाई पट्टी के विस्तारीकरण के लिए जमीन की व्यवस्था के बाद नया रनवे तैयार किया जाएगा। दिसंबर-2021 में एयरपोर्ट अथाॅरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) के अधिकारियों ने मेरठ से एटीआर-72 विमान उड़ाने का आश्वासन जिला प्रशासन को दिया था। इस विमान में 78 यात्री सफर कर सकते हैं। एएआई भी जल्द प्रक्रिया को पूरा कर अपनी तकनीकी टीम के साथ निरीक्षण करेगा जिससे मेरठ से उड़ान शुरू की जा सके।
2024 से पहले मिल सकता है तोहफा
केंद्र और प्रदेश सरकार मेरठ को साल 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले तोहफा दे सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए तैयारियों की जा रही हैं। सर्वे के लिए लेखपालों की टीम को लगा दिया गया है।
हवाई पट्टी विस्तारीकरण में इन गांवों की जाएगी जमीन:
कंचनपुर घोपला, गगोल, खेड़ा खानपुर, काशी
किसकी कितनी जमीन जाएगी:
निजी भूमि - 2,90,450 वर्ग मीटर,
सरकारी - 13438 वर्ग मीटर,
एमडीए - 24577 वर्ग मीटर,
वन विभाग - 3,76, 833 वर्ग मीटर
वर्तमान में हवाई पट्टी की स्थिति
लंबाई : 1500 मीटर
चौड़ाई : 23 मीटर
हवाई उड़ान के लिए यह चाहिए
हवाई पट्टी की लंबाई 1800 मीटर और चौड़ाई 30 मीटर
हवाई यातायात नियंत्रण टावर, टर्मिनल भवन, अग्निशमन सेवा, एंबुलेंस