विवेचना से संबंधित जानकारी जुटाने के लिए विवेचक बार-बार सेना के जवान और उसके परिवार को थाने बुला रहीं थीं। आरोप है कि तीन दिन पहले सेना के जवान से महिला थाना प्रभारी मोनिका जिंदल और विवेचक रितु ने मुकदमे में लगी धारा 376 हटाने के बदले में एक लाख रुपये की मांग कर दी।
सेना के जवान के साथ उसका एक रिश्तेदार भी महिला थाने में गया था। रिश्तेदार होमगार्ड है और कोतवाली थाने में उसकी पोस्टिंग है। होमगार्ड ने थाना प्रभारी मोनिका जिंदल और विवेचक द्वारा एक लाख रुपये डिमांड की वीडियो अपने मोबाइल में बना ली थी। होमगार्ड ने यह भी बताया कि रिश्वत में 34 हजार रुपये मोनिका और रितु ने ले लिए थे। मामले से जुड़े साक्ष्यों, वीडियो आदि की जांच के लिए एसएसपी ने एसपी देहात को लगाया था।
अभी और कई रडार पर
महिला थाने की लगातार शिकायतें एसएसपी कार्यालय में पहुंच रही हैं। बताया जा रहा है कि भ्रष्टाचार के मामले में कई शिकायत पहुंचने के बाद एसएसपी ने इसे गंभीरता से लिया है। अभी कई और रडार पर है। पहले भी महिला थाना भ्रष्टाचार के मामलों में चर्चाओं में रहा है। पहले भी कार्रवाई की जा चुकी है।
सबूत के बाद कार्रवाई
एक मुकदमे की जांच रितु काजला द्वारा की जा रही थी। एक वीडियो सामने आया है जिसमें मोनिका जिंदल के सामने पैसों के लेनदेन की बात चल रही है। विस्तार से जांच कराई गई जिसमें भ्रष्टाचार के साक्ष्य मिले हैं। मोनिका जिंदल और रितु को निलंबित करते हुए विभागीय जांच भी बैठा दी गई है। एसएसपी का कहना है कि भ्रष्टाचार में लिप्त पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। - प्रभाकर चौधरी, एसएसपी