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स्मार्ट सियासत या मेरठ, फैसला आज

Mon, 21 Sep 2015 01:33 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
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स्मार्ट सिटी पर आज फैसले की घड़ी है। मेरठ या रायबरेली में से कौन स्मार्ट सिटी बनेगा, किसका सियासी वजूद भारी पड़ेगा, आज इसका भी निर्णय हो जाएगा। लखनऊ में आयोजित होने वाली इस बहुप्रतिक्षित बैठक का नतीजा दोपहर बाद तक आ जाएगा। क्रांतिधरा की जनता आश्वस्त है कि फैसला हमारे ही हक में होगा। हो भी क्यों ना। ऐतिहासिक तथ्यों से लेकर हर दिशा में विकास के बढ़ते कदम इसकी मजबूत गवाही देते हैं। जिन्हें नजरअंदाज करना मुमकिन नहीं।
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वैसे भी उत्तर प्रदेश सरकार भी मेरठ के नाम को स्मार्ट सिटी की सूची में शामिल न कराकर पूरे मेरठ मंडल की जनता की बुराई लेना नहीं चाहेगी। स्मार्ट सिटी की मांग को लेकर शहर की जनता आंदोलनरत है। मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक को हजारों पोस्टकार्ड, पत्र भेजे जा चुके हैं। मेरठ अपना वाजिब हक मांग रहा है, जो उसे मिलना ही चाहिए।
पक्ष सुना तो जरूर मिलेगा स्मार्ट सिटी का तोहफा

बैठक में भाग लेने के लिए रविवार को ही महापौर हरिकांत अहलूवालिया, अधिशासी अभियंता मोइनुद्दीन सहित कई अधिकारी लखनऊ के लिए रवाना हो गए। महापौर और निगम अधिकारियों ने रविवार को पूरे दिन स्मार्ट सिटी मिशन के बिंदुओं पर निगम की कसौटी का आंकलन किया। पत्रावली में कुछ त्रुटि को दूर करके नई पत्रावली का अवलोकन किया। निगम प्रशासन द्वारा सुधारी गई जलकल की आय-व्यय की भूल के बाद साफ हो गया है कि मेरठ को 85 अंक मिलेंगे। अगर अंकों के आधार को नजरअंदाज नहीं किया गया तो मेरठ को स्मार्ट सिटी की सूची में शामिल होने से कोई राजनीति नहीं रोक पाएगी। मेरठ की जनता को पूरा विश्वास है कि उप्र सरकार बैठक में मेरठ का पक्ष जरूर सुनेगी। अगर ऐसा हुआ तो मेरठ को स्मार्ट सिटी का तोहफा अवश्य मिलेगा।
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डॉ. वाजपेयी ने प्रमुख सचिव को लिखा पत्र
मेरठ। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं शहर विधायक डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने स्मार्ट सिटी की मांग को लेकर उप्र सरकार के प्रमुख सचिव को पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने जेएनएनयूआरएम योजना की स्थिति से अवगत कराया है। साथ ही मेरठ की ऐतिहासिकता, एजूकेशन हब, इंडस्ट्रीज, मेडिकल कॉलेज, मेट्रो रेल प्रोजेक्ट, एनसीआर क्षेत्र का सबसे करीबी और बड़ा मंडल मुख्यालय आदि उपलब्धियां गिनायी हैं। प्रदेशाध्यक्ष और महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने संयुक्त रूप से उप्र सरकार को भेजे ज्ञापन में मांग की है कि जेएनएनयूआरएम योजना की उपरोक्त परिस्थितियों की प्रगति के आधार पर शून्य न देकर कुछ अंक मिलें तो मेरठ आगे आ जाएगा। कम अंक मिलने के पीछे भी लिपिकीय त्रुटि रही हैं।

भाजपा विधायक भी लखनऊ पहुंचे
मेरठ। स्मार्ट सिटी की मांग को लेकर भाजपा के कैंट विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल, मेरठ दक्षिण विधायक रविन्द्र भड़ाना भी लखनऊ पहुंच गए। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष, विधायक और महापौर सोमवार को लखनऊ में बैठक शुरू होने से पहले उप्र सरकार के प्रमुख सचिव से मिलकर मेरठ का पक्ष रखेंगे। सभी देर शाम ट्रेन से लखनऊ के लिए रवाना हो गए। नगर निगम द्वारा तैयार की गई फाइलों का भाजपा विधायकों ने भी अवलोकन कर लिया है। भाजपा जनप्रतिनिधियों की जागरूकता से साफ जाहिर है कि मेरठ को स्मार्ट सिटी बनवाने पर मंशा साफ है।

इस अधिकार को लेकर रहेंगे
महापौर का कहना है कि स्मार्ट सिटी मेरठ का अधिकार है। हम इसे लेकर ही रहेंगे। वैसे भी मेरठ स्मार्ट सिटी मिशन के 15 बिंदुओं के मुताबिक कम से कम 85 अंकों का हकदार है। जेएनएनयूआरएम योजना में जल, सीवर योजना लगभग पूरी होने को है। जबकि महानगर बस सेवा पूर्ण रूप से चल रही है। इस पर कम से कम मेरठ को पांच अंक मिलने चाहिए। बैठक में अधिकारियों के सामने मेरठ के सभी बिंदुओं को मजबूती से रखा जाएगा। मेरठ को नजर अंदाज करना सीधे-सीधे क्रांतिधरा का अपमान होगा। स्मार्ट सिटी के लिए हम किसी भी हद से गुजरने को तैयार हैं।
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