देश की सभी पार्टियां किसानों का फायदा उठाकर सत्ता सुख भोगने में लगी हैं। लेकिन आने वाले विधानसभा चुनाव में प्रदेश में किसानों की सरकार बनने जा रही है। यह बात राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय संयोजक सरदार वीएम सिंह ने रविवार को कही।
जेडी फार्म पर आयोजित संगठन के कार्यकर्ता सम्मेलन में मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि आगामी 23 दिसंबर को किसान मसीहा पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती है। इस अवसर पर दिल्ली में विशाल सभा के साथ ही वे राजनीतिक पार्टी की घोषणा कर देंगे। ये पार्टी किसानों की होगी और उसके उत्थान और विकास के लिए काम करेगी। सिंह ने कहा कि अब तक देश के अन्नदाताओं को सबने ठगने का काम किया है। सत्ता पाते ही वादे भूलकर सरकार पूंजीपतियों की गोद में बैठ जाती है।
उन्होंने किसानों के लिए किए गए काम और कोर्ट में लड़ी जा रही हक की लड़ाई का जिक्र करते हुए कहा कि उनसे ज्यादा आज तक किसी ने किसानों के लिए काम नहीं किया। किसानों को उन पर विश्वास हैं। अब किसान किसी के पीछे नहीं बल्कि अपनी पार्टी की सरकार बनाएंगे। गठबंधन के सवाल पर सिंह ने कहा कि जो भी पार्टी उनके एजेंडे को लागू करेगी, उसका साथ लिया जा सकता है। हालांकि इसकी जरूरत नहीं पड़ेगी। प्रदेश में 50 लाख गन्ना किसान और इतने ही इससेे जुड़े मजदूर हैं। इनका परिवार लगाकर करीब चार करोड़ की संख्या बैठती है। अगर किसान जाति और बिरादरी में नहीं बंटा तो प्रदेश में किसानों की सरकार बनने से कोई नहीं रोक सकता।
पूर्व गन्ना राज्यमंत्री स्वामी ओमवेश ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार की ज्यादतियों से आजिज आकर किसान एकजुट हो रहा है। सम्मेलन की अध्यक्षता चौधरी नत्थन सिंह, संचालन संगठन के मंडल अध्यक्ष चौधर रामवीर सिंह ने की। इस मौके पर राष्ट्रीय प्रवक्ता विकास बालियान, रुपचंद नागर, पूनम ढिल्लन एडवोकेट, अमन सिंह एडवोकेट, अमरीश त्यागी, ओमप्रकाश प्रधान, सूरज मलिक आदि मौजूद रहे।
दिवाली से पहले दिलाएंगे भुगतान
वीएम सिंह ने कहा कि गन्ना बकाया भुगतान पर कोर्ट ने मिल मालिकों और सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। चीनी मिलें घाटे का रोना रोकर पैसा नहीं होने का नाटक कर रही हैं। बजाज ग्रुप ने बैंकों से 4800 करोड़ रुपये लोन लिया है और उसकी मिलों पर 3480 करोड़ बकाया है। सिंभावली ने 1300 करोड़ लोन लिया है और उस पर 490 करोड़ की देनदारी है। उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि दिवाली तक सभी की पाई-पाई का हिसाब हो जाएगा।