जिला प्रशासन और किसानों के बीच छठे दिन भी बुधवार को वार्ता नहीं हो सकी। किसानों के बढ़ते रोष के बावजूद प्रशासन गंभीर नहीं है। किसानों ने चेतावनी दी कि डेलीगेट प्रत्याशियों को चुनाव लड़ने का मौका दिया जाए, अन्यथा आंदोलन जारी रहेगा। मनमानी तरीके से प्रत्याशियों के नामांकन पर्चे निरस्त किए हैं, जिसको लेकर किसानों में नाराजगी है। वहीं विरोध में किसान दलबीर सिंह चिता पर लेट गए और आत्मदाह की चेतावनी दी।
मोहिउद्दीनपुर गन्ना समिति में 102 डेलीगेट प्रत्याशियों के पर्चे निरस्त होने पर किसानों ने परतापुर थाने में धरना दिया हुआ है। छह दिन बीत गए हैं, लेकिन किसानों को समझाने में पुलिस-प्रशासन नाकाम रहा। धरने पर डीएम नहीं पहुंचे, इसको लेकर भी किसानों में नाराजगी है। भाकियू जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी का कहना है कि प्रशासन की मनमानी के चलते 102 डेलीगेट प्रत्याशियों के पर्चे निरस्त हुए हैं। किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है और प्रशासन गंभीर नहीं है। परतापुर थाने में धरना जारी रहा।
डीएम दीपक मीणा का कहना कि डेलीगेट प्रत्याशियों के पर्चे निरस्त करने के मामले में मेरे स्तर से कुछ नहीं हो सकता। एडीएम प्रशासन और एसडीएम सदर परतापुर थाने में छह दिन से लगातार किसानों को समझा रहे हैं। वहां पर पुलिस फोर्स लगाया हुआ है।
भूख हड़ताल से विजयपाल घोपला का स्वास्थ्य गिरा
धरना स्थल पर छह दिन से भूख हड़ताल कर रहे बाबा विजयपाल घोपला का स्वास्थ काफी गिर गया है। मवाना समिति के किसान अरुण नरंगपुर का भी स्वस्थ गिरना शुरू हो गया। रात में उन्होंने डॉक्टरी जांच कराने से भी मना कर दिया। इस दौरान जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी, हर्ष चहल, सनी प्रधान, वीरेंद्र, विनोद, विपिन, लोकेश, बबलू, जोगेंद्र, धर्मपाल, सत्येंद्र, ललित, प्रिंस, प्रदीप, रघुवंश, हरबीर, कुशलपाल, शोकेंद्र आदि मौजूद रहे।