मेरठ के चौधरी चरण सिंह जिला कारागार में रक्षाबंधन पर बहनें इस बार भी भाइयों को राखी नहीं बांध सकेंगी। जेल प्रशासन की ओर से सामूहिक रूप से त्योहार मनाने की जो व्यवस्था तैयार की गई है, उसके तहत बहनों को बंदी भाई के पास जाकर तिलक करने का मौका नहीं मिलेगा। सुरक्षा के दृष्टिगत विशेष इंतजाम किए गए हैं।आरटीपीसीआर रिपोर्ट के बाद ही जेल में प्रवेश मिलेगा।
कोरोना संक्रमण के कारण जिला कारागार में मिलाई की प्रक्रिया करीब 18 महीने तक बंद रही। हाल ही में शासन के निर्देश पर मिलाई की प्रक्रिया शुरू हुई, जिससे बहनों की भाई से मिलने की उम्मीद भी बढ़ गई।
उम्मीद की जा रही थी कि शासन त्योहार को लेकर गाइड लाइन जारी करेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके बाद जेल प्रशासन अपने स्तर से व्यवस्था तैयार करने में जुट गया है।
आरटीपीसीआर के बिना प्रवेश नहीं
जेल में हाल ही में शुरू हुई मिलाई की व्यवस्था को ही रक्षाबंधन के लिए लागू किया है।
बहनों को भी अपने साथ 72 घंटे की आरटीपीसीआर रिपोर्ट लानी होगी। रिपोर्ट न होने पर बहन को वापस जाना होगा। रिपोर्ट स्कैनिंग के लिए अतिरिक्त स्टाल बनाए गए हैं।
जगह जगह मिलेगी पानी व छांव
जेलर राजेंद्र सिंह ने बताया कि रक्षाबंधन के दिन करीब 1600 से 1800 बहनें जेल आती हैं। इसको देखते हुए त्योहार वाले दिन सुबह सात बजे से पर्ची बननी शुरू हो जाएगी।
नियमानुसार जो भी महिला जेल आएगी, उसे हर दशा में भाई से मिलने का अवसर दिया जाएगा, भले ही शाम क्यों न हो जाए। जेल के रास्ते पर पानी और छाव की भी अतिरिक्त व्यवस्था बनाई गई है।
शासन स्तर से कोई अतिरिक्त गाइड लाइन नही आई है। ऐसे में मिलाई के लिए बनाए नियम ही यहां लागू होंगे। सुरक्षा के साथ-साथ साफ-सफाई, धूप से बचने के लिए छांव और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। - राकेश कुमार, जेल अधीक्षक, जिला कारागार