उधर, विनोद अपनी बेटी पिंकी के चाल-चलन को लेकर भी परेशान था। पिंकी विनोद की सगी बेटी नहीं थी। पुलिस के मुताबिक विनोद ने प्लान बनाया की वह पिंकी की हत्या कर देगा जिसका आरोप वह ठेकेदार कालू पर लगा देगा। कालू पर उसके पैसा बकाया है यह बात उसने जानबूझकर कई लोगों को बता दी थी।
बेटी को गोली मारने के बाद कालू को नामजद कराया गया। पुलिस ने विनोद से गहनता से पूछताछ की तो वह बार-बार अपने बयान बदलता रहा। शनिवार को पुलिस विनोद के गांव में पहुंची। परिवार के लोगों से बातचीत की। जिसमें पता चला कि पिंकी की हत्या करने वाला कोई और नहीं है, बल्कि खुद विनोद ही है। पुलिस ने विनोद को हिरासत में ले लिया है।
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घर में वारदात बताई, गवाह कोई नहीं
पुलिस के मुताबिक पिंकी को गोली मारी गई, लेकिन आसपास के लोगों को इसकी कोई जानकारी नहीं है। जबकि अमूमन गोली लगने की घटना पर आसपास के लोगों की भीड़ इकट्ठा हो जाती है। पुलिस ने जब विनोद से इसके बारे में पूछा तो वो चुप हो गया। जुबान लड़खड़ाने लगी, तभी पुलिस ने समझ लिया कि हत्या किसी करीबी ने की है। बार-बार पूछने पर विनोद टूट गया और उसने वारदात करना कबूल कर लिया।
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कालू को दी थी फंसाने की धमकी
पुलिस के मुताबिक विनोद ने कालू को धमकी दी थी कि अगर वह डेरा वाला में उसको जमीन बुवाई के लिए नहीं दिलवाएगा तो वह उसको किसी बड़े केस में फंसा देगा। शायद किसी को आभास नहीं था कि विनोद अपनी बेटी की हत्या करके कालू को उसकी हत्या के केस में ही फंसाना चाहता था।