मुस्लिम समुदाय के शिया समाज के लोगों ने आज चेहलुम मनाया। इस दौरान कर्बला के शहीदों की याद में मातम किया गया। कदीमी जुलूस इमामबाड़ा छोटी करबला से शुरू होकर बड़ी करबला वक्फ मनसबिया, हाजी साहब पहुंचा। जहां ताजिए दफन किए गए।
मेरठ में आज शहर के अलग अलग क्षेत्रों में शिया समाज के लोगों ने चेहलुम मनाया गया। कर्बला के 72 शहीदों की याद में शिया समाज के लोग कदीमी जुलूस के साथ मातम किया। जुलूसे ताजिया इमामबाडा डॉ. करोमचा हैदरी जाटव गेट से प्रारंभ होकर वापस इमामबाड़े में पहुंचा।
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इस दौरान मेरठ के घंटाघर पर शिया सोगवार जुलूस के रूप में ताजिये लेकर निकले तो देखने वालों की भीड़ जमा हो गई। जुलूस के दौरान कदीमी जुलूस के साथ शिया समाज के लोगों ने मातम किया। इनमें नन्हें बच्चों से लेकर बुर्जुग तक शामिल रहे। शिया समाज की महिलाओं ने भी कर्बला के शहीदों की याद में मातम किया।
मोहर्रम कमेटी के संयोजक सैय्यद शाह अब्बास सफवी व मीडिया प्रभारी सैय्यद अली हैदर रिजवी ने बताया कि एक बड़ा जुलूसे ताजिया, जुलजुनाह व अलम दोपहर तीन बजे इमामबाड़ा छोटी करबला से शुरू होकर वैली बाजार चौराहा, मनसबिया घंटाघर से गुजरता हुआ रेलवे रोड, देहली रोड से ईदगाह रोड से बड़ी करबला वक्फ मनसबिया, हाजी साहब पहुंचा। जहां ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
बड़ी करबला मनसबिया में मजलिस हुई। वहीं बड़ा जुलूस-ए-ताजिया अलम-ए-मुबारक व जुलजनाह इमामबाड़ा दरबारे हुसैनी, पुरानी कोठी जैदी फार्म से मजलिस के बाद बरामद होकर इमली वाली मस्जिद से होता हुआ अब्बास पैलेस व शाहजलाल हॉल कोठी जैदी साहब से गुजरता हुआ जैदी नगर सोसाएटी करबला पहुंच कर संपन्न हुआ।