एसटीएफ ने उस समय बताया था कि जांच में कलीम का भाई तहसीम भी आईएसआई के संपर्क में है। व्हाट्सएप पर भारत के सैन्य क्षेत्रों और अन्य स्थानों के फोटो भी भेजे थे। जांच में सामने आया था कि सहारनपुर का रहने वाला युसुफ भी दोनों भाइयों के संपर्क में रहकर फर्जी सिम उपलब्ध करा रहा था। एसटीएफ ने दावा किया था कि कलीम पाकिस्तान में बैठे आईएसआई एजेंट दिलशाद मिर्जा के संपर्क में था। उस समय से तहसीम और युसूफ फरार चल रहे थे।
पुलिस के अनुसार, एसटीएफ और पुलिस ने संयुक्त रुप से कार्रवाई करते हुए फरार चल रहे कलीम के भाई तहसीम को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी से पूछताछ की जा रही है। कुछ दस्तावेज भी तहसीम के पास से मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
नकली नोट प्रकरण में भी आरोपी है तहसीम
पुलिस के अनुसार, तहसीम नकली नोट प्रकरण में भी फरार चल रहा था। कांधला के नफीस के साथ मिलकर वह शामली और आसपास के जिलों में नकली नोटों की सप्लाई करता था।