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सोतीगंज के सात कबाड़ियों ने मुजफ्फरनगर

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सोतीगंज के सात कबाड़ियों ने मुजफ्फरनगर
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में कटवाए 100 से अधिक चोरी के वाहन
मेरठ। भले ही पुलिस सोतीगंज को बंद कराने का ढोल पीट रही हो, लेकिन यहां के कबाड़ियों पर शिकंजा नहीं कसा गया। यहां के सात कबाड़ी दो माह में ही मुजफ्फरनगर में 100 से अधिक चोरी के वाहन कटवा चुके हैं। इस मामले में पुलिस ने मुजफ्फरनगर के दो और सहारनपुर के एक कबाड़ी को गिरफ्तार किया है। दो सप्ताह में शहर के वीआईपी इलाके से आठ वाहन चोरी किए जाने का भी खुलासा हुआ है।
एसपी सिटी विनीत भटनागर ने मंगलवार को पुलिस लाइन में प्रेस वार्ता कर इस गिरोह का भंडाफोड़ किया। उन्होंने बताया कि मुजफ्फरनगर के शाहपुर शोरम गांव निवासी तालिब और बुढ़ाना निवासी शाजिद के अलावा सहारनपुर के दाउद सराय कुतबशेर निवासी वाजिद को मीडिया से रूबरू कराया।
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तीनों आरोपियों ने बताया कि गिरोह में बागपत और मेरठ के भी लोग भी शामिल हैं। मेरठ के सोतीगंज के सात कबाड़ियों के नाम बताए गए हैं। वह दो महीने में 100 से अधिक वाहन चोरी कर कटवा चुके हैं। बागपत और मेरठ निवासी आरोपी अभी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़े। पुलिस ने तीन वाहन और काटे गए पार्ट्स भी मुजफ्फरनगर जिले से बरामद किए हैं। आठ वाहनों के पुर्जे बरामद कराने की बात कही गई है। सात कबाड़ी
चोरी के वाहन काटने, वाहनों की पहचान, रंग, पार्ट्स और चैसिस नंबर बदलकर बेचने में शामिल रहे हैं। सोतीगंज के यह कबाड़ी यूनूस, आबिद, लड्डू, साजिद, आशिक, कासिम, सलमान उर्फ शेर और हाजी शमशाद हैं। कबाड़ियों की तलाश में सिविल लाइन और सर्विलांस की टीम दबिश दे रही हैं।
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वीआईपी इलाके से वाहन हो रहे चोरी, एसओजी टीम को लगाया
सिविल लाइन के पाश इलाके में दो सप्ताह में पांच वाहनों की चोरी हुई थी। इसके अलावा अन्य जगहों से वाहन चुराए गए। वहीं, 12 दिसंबर से सोतीगंज में ताले लगने के बावजूद यह सब हो रहा है। इससे पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठे हैं।
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बागपत के कमाल से जुड़े हैं चार जिलों के कबाड़ी
- गिरोह का मास्टरमाइंड बागपत के दोघट थानाक्षेत्र के पलड़ा निवासी कमाल बताया गया है। उसके साथ वाहन ही चोरी में रोशनपुर, मुजफ्फरनगर निवासी सरफराज और इमरान भी साथ रहते थे। कमाल ने बागपत, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर व मेरठ जिले सोतीगंज के कबाड़ी अपने गिरोह में शामिल किए। वहीं, वाहन काटने का नया अड्डा मुजफ्फरनगर बनाया गया। यहां लोकल पुलिस से सेटिंग कर यह सब किया जा रहा था।
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कैसे शिफ्ट हो गया कबाड़ किला
- सोतीगंज पर शिकंजा कसने के दावे किए जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि कबाड़ियों ने धंधा बदल लिया, इसके बावजूद सोतीगंज का अब यह कबाड़ किला मुजफ्फरनगर व सहारनपुर जिले में शिफ्ट हो गया। इससे पुलिस की कार्यशैली और निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं। एडीजी मेरठ जोन राजीव सभरवाल का कहना है कि जांच कराने की बात कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि लापरवाही करने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी।
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