महीने भर की तैयारी के बाद सोमवार सुबह छोटे-छोटे बच्चे मम्मी-पापा के साथ स्कूल पहुंचे। सुबह 7.30 बजे स्कूल खुलना शुरू हुए। अभिभावक बच्चों को स्कूल में छोड़कर घर लौटे ही थे कि कुछ देर बाद उन्हें शहर में बवाल की सूचना मिली। सहोदय ने भी तुरंत संदेश भेजकर स्कूलों को माहौल देखकर छुट्टी करने को कहा। इस पर स्कूल संचालकों ने तुरंत अभिभावकों को फोन पर मैसेज भेजकर बच्चों को स्कूल से ले जाने को कह दिया। मैसेज आते ही अभिभावक घबरा गए और सीधे अपने स्कूल पहुंच गए।
पूरा परिवार पहुंचा बच्चों को लाने
शहर की बिगड़ती फिजा ने अभिभावकों के भीतर इतना खौफ पैदा कर दिया कि मम्मी-पापा, दादा सभी मिलकर बच्चों को स्कूल लेने पहुंचे। सभी को डर था कि रास्ते में कोई अनहोनी न हो जाए। वहीं भारत बंद क ा एलान रविवार को हो चुका था। ऐसे में शहर में कहीं बवाल न हो जाए इस डर से कई अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल ही नहीं भेजा था।
बच्चे बोले, क्या दंगा हो गया
करीब 11 बजे स्कूलों में जैसे ही अभिभावक पहुंचे तो बच्चे भी घबरा गए। क्लासों में अफरा-तफरी का माहौल था। बच्चे आपस में बातचीत करने लगे कि शहर में दंगा हो गया। रास्ते में भी भीड़, जगह-जगह जलती बसें, तोड़फोड़ और लाठी डंडे लेकर नकाबपोशों को देखकर बच्चे काफी डरे गए। वहीं स्कूलों से जब तक सारे बच्चे नहीं चले गए शिक्षक, प्रिंसिपल वहीं रुके रहे।
स्कूलों की बसें रोकीं
बवालियों ने स्कूलों की बसों को रास्ते में रोक दिया, बच्चों को सुबह स्कूल लेकर आने के बाद बसें दोबारा स्कूल ही नहीं पहुंच पाईं। दीवान पब्लिक और डीपीएस ने पेरेंट्स को बच्चों को ले जाने का मैसेज भेज दिया। एमपीएस ग्रुप ने सभी शाखाओं में हाफ डे कर दिया। सेंट मेरीज, सोफिया में भी पहले ही अभिभावकों को संदेश भेजकर बुला लिया। दीवान सहित अन्य स्कूलों में गेट पास लेकर बच्चों को अभिभावक ले जाने लगे। गेट पास बनवाने के लिए स्कूलों में अफरा तफरी मची रही। ट्रांसलेम, शांति निकेतन ने दोपहर 2 बजे परिजनों को मैसेज भेजा। दीवान स्कूल में बस वाले बच्चों को लाइब्रेरी में बैठा दिया गया। अभिभावक गेट पास लेकर आए और बच्चों को ले जाने लगे।
शांतिपूर्वक हुई बोर्ड परीक्षाएं
सोमवार को सीबीएसई बारहवीं की बोर्ड परीक्षा थी। बाहर बवाल हो रहा था, अंदर शांतिपूर्वक तरीके से परीक्षा संपन्न कराई गई। 12वीं में हिंदी इलेक्टिव एवं दसवीं बोर्ड में फ्रैंच का पेपर था। आईसीएसई बारहवीं में सायकॉलोजी का पेपर शांतिपूर्वक हुआ। जिन भी स्कूलों में परीक्षा केंद्र थे उन्होंने दूसरे स्कूलों को अपने छात्रों को ले जाने की सूचना दे दी। बच्चों को स्कूलों में ही रोककर पूरी सुरक्षा दी गई।
घबराई छात्राएं, किया घर पर फोन
मेरठ। रोजाना की तरह सुबह-सुबह छात्र-छात्राएं बस, स्कूटी से कोचिंग और कॉलेज पहुंचे। शहर में बवाल की सूचना मिलते ही बाईपास और दूरदराज से आने वाले छात्र और छात्राएं घबरा गईं। सोशल मीडिया पर बवाल के फोटो, वीडियो लाइव होने लगे। बाइकों के जलने, तोड़फोड़, बसों में आगजनी की तस्वीरें तेजी से वायरल हुई। यह देख उनमें दहशत हो गई। छात्राओं से छेड़खानी की चर्चाएं बढ़ने लगीं। छात्राओं ने तुरंत घरों पर फोन किया और कहा कि पापा मुझे लेने कोचिंग आ जाओ। कोचिंग संचालकों ने भी छात्र-छात्राओं को अकेले नहीं भेजा, अभिभावकों के साथ ही उन्हें घर जाने दिया। वहीं कुछ छात्राएं तो हॉस्टल में सहेलियों के साथ चली गईं। देर शाम माहौल शांत होने पर घर लौटीं।