औघड़नाथ मंदिर पर शिवभक्तों का सैलाब।
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प्रशासनिक पंडाल, जूता चप्पल स्टैंड के साथ विभिन्न सामाजिक धार्मिक संगठनों के द्वारा सेवा शिविर लगाए गए हैं। मोदीपुरम पर मेरठ की कई झांकी कांवड़ शुक्रवार सुबह ही पहुंच गई। मोदीपुरम, रुड़की रोड, बेगमपुल, सदर और छावनी में विभिन्न पंड़ालों में कांवड़िया रुके हुए हैं।
एनकाउंटर में खाए थे 12 चाकू, भोलेनाथ ने बचाई थी जान
रोहटा रोड निवासी सेवानिवृत्त सब इंस्पेक्टर विष्णु ने बताया कि वह आठ बार कांवड़ ला चुके हैं। उन्होंने बताया कि जब वह हरिद्वार में पोस्टेड थे तो उन्होंने दो चेन स्नैचरों को दबोच लिया। चेन स्नैचरों ने विष्णु पर चाकू से हमला कर दिया। पेट और कमर पर 12 वार किए गए। विष्णु ने बताया कि वह बेहोशी की हालत में भी शिव का नाम जपते रहे। स्वस्थ होने के बाद संकल्प लिया कि अब भोले के नाम की कांवड़ लाएंगे। विष्णु के साथ उनका बेटा हिमांशु भी कांवड़ लेकर आया। शिव सेवा समिति ग्रास मंडी के दसवें भंडारे में उनके मिलने उनकी बेटी पूजा और पुत्रवधु भी पहुंची। उन्होंने बताया कि नौ जुलाई को जल उठाया था और 13 को मेरठ पहुंच गए।
पिता के साथ जल लाया 11वीं का छात्र
कंकरखेड़ा निवासी अश्वनी ने बताया कि वह एसडी स्कूल में 11 वीं छात्र हैं। पिता कुलदीप शर्मा पुरोहित हैं। यह सालों से कांवड़ ला रहे हैं। इस बार वह भी उनके साथ कांवड़ लेकर आया। अश्वनी ने बताया कि यात्रा के दौरान उन्होंने कांवड़ के सभी नियमों का पूरी श्रद्धा के साथ पालन किया। मेडिकल क्षेत्र निवासी हिमांशु और प्रियांशु ने बताया कि वह भी 11 वीं कक्षा के छात्र हैं और पहली बार कांवड़ लाए हैं।
बहनों के साथ भाई ने उठाई भोले की कांवड़
सुभाषपुरी निवासी विशाल ने बताया कि वह किसान इंटर कॉलेज में 11 वीं कक्षा में पढ़ता है। कई बार कांवड़ ला चुका है। इस बार उसके साथ उसकी बहन राधिका और भारती भी कांवड़ लाई हैं। रात दिन चलकर तीन दिन में हरिद्वार से मेरठ पहुंच गए है।
10 साल की सोनाक्षी लाई दादी के साथ कांवड़
तेजगढ़ी निवासी रामवती ने बताया कि वह 10 बार कांवड़ ला चुकी हैं। भोले का नाम लेकर ही सभी दुख दूर हो जाते हैं। इस बार दस साल की पोती सोनाक्षी भी कांवड़ लाने की जिद करने लगी तो उसको भी साथ ले लिया। पूरे रास्ते भोले का नाम लेते चली और कहीं भी थकान महसूस नहीं हुई है।
पिता के साथ बेटी लाई कांवड़
कालियागढ़ी निवासी विजय ने बताया कि उनके साथ उनकी नौ साल की बेटी नैना भी कांवड़ लाई। वह कई बार कांवड़ ला चुके हैं। इस बार पहली बार बेटी भी कांवड़ लेकर आई।