मां वैष्णो देवी में आस्था रखने वाले भक्तों के लिए मेरठ में सदर स्थित गुफा वाला मंदिर एक स्थान है, जहां पहुंचकर वह ऐसा महसूस करते हैं कि मानो जम्मू स्थित मां वैष्णो देवी के दरबार में आ गए हैं। मंदिर का निर्माण भी जम्मू स्थित मां वैष्णो देवी मंदिर की तर्ज पर किया गया है। कृत्रिम गुफा भव्य छटा बिखेरती है। अर्द्धकुंवारी की तरह बनाई गुफा में पानी भी गिरता है। मुख्य मंदिर में तीन पिंडी माता काली, लक्ष्मी और सरस्वती हैं। भैरव बाबा और बालाजी भी ऊपर विराजमान हैं।
नवरात्र में इस मंदिर में भक्तों की संख्या बहुत अधिक बढ़ जाती है। भक्त जो वैष्णो देवी मंदिर जम्मू नहीं जा पाते वह लोग इस मंदिर में दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर का निर्माण 1973 में हुआ। पंजाबी परिवार की कुछ महिलाओं ने मिलकर मंदिर की नींव रखी। इस मंदिर का नाम रघुनाथ मंदिर था।
वर्ष 2005 में मंदिर का जीर्णोद्धार हुआ। कटरा से आए कारीगरों ने मंदिर का जीर्णोद्धार किया। त्रिकुटा पर्वत स्थित मां वैष्णो देवी मंदिर की तरह निर्माण किया गया। इसके बाद अब इस मंदिर की पहचान गुफा वाले मंदिर के रूप में हो गई। मंदिर में मातारानी की पिंडी प्राण प्रतिष्ठा के बाद स्थापित की गई। नवरात्र में मंदिर में सुबह शाम पूजन होता है। शाम चार बजे से छह बजे तक रामायण पाठ किया जाता है और महिला संकीर्तन भी होता है। मंदिर परिसर में स्वास्थ्य लाभ के लिए योग कक्षा भी चलाई जाती हैं।
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