वहीं, एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने इस मामले में बस स्टैंड पुलिस चौकी प्रभारी विकास शर्मा और सुभाष बाजार चौकी प्रभारी प्रमोद कुमार को लाइन हाजिर कर दिया है। डॉ. फराहीम के नर्सिंग होम पर भी डीएम ने जांच व पैमाइश के लिए टीम भेजीं। अवैध निर्माण या संचालन मिलने पर नर्सिंग होम पर भी कार्रवाई की जा सकती है।
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रविवार को पॉलिथीन नहीं देने पर रोहित की हत्या कर दी गई थी। रोहित के पिता विनोद ने फारुख पुत्र हामिद, उसके छोटे भाई निवासीगण बहोड़पुर, समीर पुत्र इमरान, फैजान पुत्र दुबाज, तरुण पुत्र नरेंद्र निवासी अटौरा, डॉ. फराहीम और दो अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तरुण को भीड़ ने मौके पर पकड़कर पुलिस को सौंप दिया था। एक आरोपी गुलाब और फारुख को पुलिस ने गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर दिया था। फैजान और समीर को पुलिस तलाश रही है।
सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद ग्रामीणों ने बस स्टैंड पुलिस चौकी के सामने शव रखकर जाम लगा दिया था। जलशक्ति राज्यमंत्री दिनेश खटीक ने मौके पर पहुंचकर सभी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर नाराजगी जाहिर की थी। आरोपियों को शरण देने व भगाने के आरोपी डॉ. फराहीम की गिरफ्तारी नहीं होने पर राज्यमंत्री ने खुद ही उसे पकड़ने की बात कह दी थी। उसी दौरान सीएचसी की टीम ने डॉ. फराहीम के अस्पताल को सील कर दिया था। वहीं, इस मामले में राज्यमंत्री ने मुख्यमंत्री को भी फोन कर सारी जानकारी दी थी।
मंगलवार रात को पुलिस ने फराहीम को गिरफ्तार कर लिया था। उसे रात में सिविल लाइन थाने में रखा गया था। बुधवार दोपहर बाद पुलिस ने फराहीम को कोर्ट में पेश कर दिया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
कानून व्यवस्था के मामले में डीएम-एसएसपी से की वार्ता
बुधवार को जलशक्ति राज्यमंत्री दिनेश खटीक, ऊर्जा राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर, विधायक अमित अग्रवाल, महानगर अध्यक्ष सुरेश जैन रितुराज और जिलाध्यक्ष शिव कुमार राणा, महापौर हरिकांत अहलुवालिया, कमलदत्त शर्मा, सतवीर त्यागी और मनिंद्रपाल सिंह की डीएम दीपक मीणा और एसएसपी डॉ. विपिन ताडा के साथ सर्किट हाउस में वार्ता हुई। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर पुलिस सख्त कार्रवाई करे।
पैमाइश कर लौटी तहसील टीम
डा. फराहीम के अस्पताल की जांच को डीएम के निर्देश पर बुधवार को स्वास्थ्य विभाग, तहसील और नगर पालिका की टीमें पहुंची। अस्पताल पर सील लगी होने के कारण स्वास्थ्य विभाग की टीम जांच नहीं कर पाई। जबकि तहसील की ओर से नगर पालिका की टीम ने पैमाइश की। उपजिलाधिकारी अंकित कुमार ने बताया कि जांच के लिए जिलाधिकारी ने टीम का गठन किया है, जिसमें एसीएमओ डा. प्रवीण गौतम के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग, नायब तहसीलदार अंकित तोमर के नेतृत्व में तहसील की टीम तथा नगर पालिका की टीम मौके पर पहुंची। अवैध निर्माण या संचालन की पुष्टि होने पर नर्सिंग होम पर कार्रवाई की जा सकती है।
स्वास्थ्य विभाग, तहसील और नगर पालिका के अधिकारियों की संयुक्त टीम बनाई है।
डीएम दीपक मीणा का कहना है कि अस्पताल (नर्सिंग होम) की जांच करने के लिए टीम गई थी। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। फिलहाल अस्पताल सील किया हुआ है।