एक ही कार्ड पर किराया भुगतान, शापिंग और अन्य सेवाएं मिलेंगी
मेरठ। दिल्ली से मेरठ तक चलने वाली रैपिड रेल में सफर करने के लिए नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड का उपयोग किया जाएगा। इस कार्ड की मदद से आप किराया भुगतान, शॉपिंग और डेबिट कार्ड जैसी अन्य सेवाओं का लाभ ले सकेंगे। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी ) की ओर से कार्ड के लिए वित्तीय कंपनी के चयन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके लिए टेंडर जारी कर दिया गया है। वहीं, 29 अक्तूबर को बोली में भाग लेेने वाली कंपनियों के साथ प्री-बिड होगी।
नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड के प्रयोग से रैपिड रेल में यात्रियों को स्मार्ट कार्ड और टोकन लेने की जरूरत नहीं होगी। इस कार्ड को रैपिड रेल स्टेशन पर पंच करने के बाद आपके खाते से टिकट किराया कट जाएगा। इसके अलावा मेट्रो, एयरपोर्ट और कई राज्यों के सड़क परिवहन में भी कार्ड का उपयोग कर सकेंगे। कार्ड का उपयोग वन नेशन वन कार्ड की तर्ज पर किया जाना है। कार्ड कांटेक्टलेस एटीएम की तरह काम करेगा।
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बैंक से जारी होगा यह कार्ड
रैपिड रेल चलने के बाद आपके शहर के निजी और सरकारी बैंक नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड को जारी करेंगे। जिस बैंक में आपका खाता है, वहां से कार्ड जारी किया जाएगा। इस कार्ड को बढ़ावा देने के लिए कैशबैक का ऑफर दिया जाएगा। वहीं, रैपिड रेल स्टेशनों पर भीड़ को कम करने के लिए भी एनसीआरटीसी की ओर से इस कार्ड का प्रचार किया जाएगा।
22 नवंबर से लगेगी बोली
नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड के लिए वित्तीय कंपनी का चयन होगा और 22 नवंबर से बोली लगनी शुरू हो जाएगी। यह बोली 29 नवंबर तक लगाई जा सकेगी। इसके बाद 30 नवंबर को तकनीकी बोली खुलेगी। तकनीकी बोली में कंपनियों की पात्रता देखने के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इससे पहले वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्री-बिड में कंपनियों को कार्ड की सुविधा देने के लिए प्रेजेंटेशन दिखाना होगा।
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प्रदेश सरकार ने दिए 200 करोड़ रुपये
दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल कॉरिडोर निर्माण कार्य को रफ्तार देने के लिए प्रदेश सरकार की ओर से वर्ष 2021-22 वित्तीय वर्ष के लिए 200 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी गई है। प्रदेश सरकार को रैपिड रेल के लिए 1326 करोड़ रुपये की राशि देनी है। प्रमुख सचिव आवास दीपक कुमार की ओर से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक को पत्र लिखा गया है। इसके लिए शासनादेश भी जारी किया गया है।