कंपनी दो कर्मचारी रोबोट को लेकर सीवर की गंदगी निकालने में निगम की मदद करेंगे। सीवर की निगम से सबसे ज्यादा समस्या रहती थी, क्योंकि सफाई कर्मचारियों को सीवर में उतराना खतरे से खाली नहीं डालना था। एक रोबोट की कीमत 39.50 लाख रुपये है। जिसमें कंपनी के द्वारा एक साल तक सीवर की सफाई कराने की जिम्मेदारी ली है।
नगर आयुक्त डॉ. अमित पाल शर्मा का कहना है कि रोबोट ही सीवर की गंदगी निकलेगा। दोनों रोबोट को चलाने के लिए कंपनी ने कर्मचारी भेजे है। वह निगम के कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी देंगे।
नगर आयुक्त से भाजपा पार्षद मिले
भाजपा पार्षद संजय सैनी, पवन चौधरी और उत्तम सैनी ने सोमवार को नगर आयुक्त से मुलाकात की। तीनों पार्षदों ने नगर आयुक्त को बताया कि शहर में सफाई की व्यवस्था बहुत खराब है। प्रभारी नगर स्वास्थ्य डॉ. हरपाल सिंह की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
पार्षदों का कहना कि शहर में सफाई की व्यवस्था के साथ सीवरों की हालत खराब है। कई बार शिकायत करने के बावजूद व्यवस्था नहीं सुधरीं। जिसको लेकर स्थानीय लोगों का गुस्सा जनप्रतिनिधियों को झेलना पड़ रहा है। अब पार्षद निगम के अधिकारी के खिलाफ नाराजगी जताएंगे। नगर आयुक्त डॉ. अमित पाल शर्मा ने आश्वासन दिया है कि सफाई की व्यवस्था बेहतर करेंगे।