नए विस्तारीकरण में वन विभाग की जमीन आई है। बताया गया कि वन विभाग अपनी जमीन उड्डयन विभाग को देने को तैयार नहीं है। डीएफओ राजेश कुमार ने बताया कि हवाई पट्टी बनाए जाने के दौरान जो जमीन वन विभाग को मिलनी थी उस पर अभी तक वन विभाग का कब्जा नहीं है। इस कारण विभाग को जमीन देने का अधिकार ही नहीं है। जमीन पर किसानों का कब्जा है।
एयरपोर्ट अथॉरिटी की टीम ने हवाई पट्टी का सर्वे कर लिया है। वर्तमान में जिस जमीन की सर्वे टीम ने पैमाइश की है, उस पर 200 मीटर चौड़ा और 2280 मीटर लंबा रनवे बनाकर 72 सीटर वाला हवाई जहाज उड़ान भर सकता है। एक सप्ताह में जमीन से संबंधित सभी जांच हो जाएगी। एयरपोर्ट अथॉरिटी के चेयरमैन को सर्वे रिपोर्ट देंगे, उसके बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। - डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी, राज्यसभा सदस्य
एयरपोर्ट अथॉरिटी की सर्वे टीम ने हवाई पट्टी पर जमीन की पैमाइश की है। 72 सीटर वाले हवाई जहाज को उड़ान की प्रक्रिया चल रही है। अब जमीन की तकनीकी टीम भी जांच करेगी। - दीपक मीणा, डीएम