11 माह में बना पहला कोच, 30 ट्रेनें दौड़ेंगी कॉरिडोर पर
दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ तक प्रस्तावित 82 किमी लंबे रैपिड रेल कॉरिडोर में 30 ट्रेनें दौड़ेंगी। रैपिड रेल के पहले कोच का निर्माण कार्य 15 जुलाई 2021 को प्लांट में शुरू हुआ था। ऐसे में 11 माह के रिकॉर्ड समय में छह कोच का पहला रेल सेट तैयार हो गया है। साहिबाबाद से दुहाई तक 17 किमी लंबे पहले खंड में शुरुआत में 13 ट्रेनों का संचालन होगा। दुहाई डिपो में एक साथ 13 ट्रेनों को खड़ा करने की व्यवस्था की गई है। वहीं बाकी 17 ट्रेन मेरठ के मोदीपुरम में बन रहे डिपो में खड़ी की जाएंगी।
ग्रीन कॉरिडोर की तरह होगा इस्तेमाल
आपात चिकित्सा की स्थिति मे रैपिड रेल का इस्तेमाल ग्रीन कॉरिडोर की तरह हो सकेगा। एनसीआरटीसी ने इसी को देखते हुए कोच में स्ट्रेचर ले जाने के लिए विशेष स्थान निर्धारित किया है। चिकित्सा इमरजेंसी की स्थिति में मरीज को मेरठ से दिल्ली तक 55 मिनट में पहुंचाया जा सकेगा।
हर छह माह में खुलेगा 20 किमी का भाग
सबसे पहले गाजियाबाद में देश की पहली रैपिड रेल दौड़ेगी। साहिबाबाद से दुहाई तक पहले खंड में 95 फीसदी से अधिक काम पूरा हो चुका है। मार्च 2023 में साहिबाबाद से दुहाई तक प्राथमिकता खंड में रैपिड रेल दौड़ने लगेगी। इसके बाद एनसीआरटीसी की योजना हर छह माह में आगामी 20 किमी के सेक्शन को खोलने की है। ऐसे में पहले खंड के बाद दुहाई से मेरठ दक्षिण तक अक्तूबर 2023 में दूसरा सेक्शन खुलेगा। फिर जून 2024 में साहिबाबाद से दिल्ली और 2025 में मेरठ दक्षिण से मेरठ के मोदीपुरम का सेक्शन शुरू होगा।