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इंतजार खत्म: आ गई पहली रैपिड रेल, अगस्त से होगा ट्रायल रन, ट्रैक बिछा, आज आपस में जोड़े जाएंगे कोच

Mon, 13 Jun 2022 12:09 PM IST
Dimple Sirohi अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

सबसे पहले गाजियाबाद में देश की पहली रैपिड रेल दौड़ेगी। साहिबाबाद से दुहाई तक पहले खंड में 95 फीसदी से अधिक काम पूरा हो चुका है। मार्च 2023 में साहिबाबाद से दुहाई तक प्राथमिकता खंड में रैपिड रेल दौड़ने लगेगी।
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रैपिड रेल - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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गुजरात के सावली प्लांट से एक जून को ट्रेलर पर सवार होकर चली छह कोच वाली पहली रैपिड रेल चार राज्यों का सफर करते हुए रविवार को दुहाई पहुंच गई। दुहाई डिपो में ही अगस्त से इसका ट्रायल रन किया जाएगा। इसके लिए ट्रैक बिछाने से बिजली के इंतजाम तक की तैयारियां कर ली गई हैं। ट्रायल तीन चरणों में होगा। इसके बाद मार्च 2023 में साहिबाबाद से दुहाई तक के प्राथमिकता खंड में लोग इसकी सवारी कर सकेंगे।

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फिलहाल सभी कोच ट्रेलर पर रखे हैं। ट्रेलर ईस्टर्न पेरिफेरेल एक्सप्रेसवे की साइड में खड़ा किया गया है। सोमवार को ट्रेलर से कोच उतारे जाएंगे। इसके बाद इन्हें जोड़ा जाएगा और इनसे पर्दा उठाया जाएगा। रैपिड रेल के कोच गुजरात, राजस्थान, हरियाणा और यूपी के विभिन्न शहरों से होते हुए आए हैं।

यूपी में ईस्टर्न पेरिफेरल से गौतमबुद्धनगर होते हुए गाजियाबाद के दुहाई में पहुंचे है। सभी रैपिड रेल कोच को छह बड़े ट्रेलरों पर कड़ी सुरक्षा में लाया गया है। हर शहर में पहले मार्ग का निरीक्षण और फिर यातायात पुलिस से समन्वय स्थापित कर मार्ग के अवरोध को खत्म किया गया। एनसीआरटीसी के सीपीआरओ पुनीत वत्स का कहना है कि रैपिड रेल के कोच के दुहाई डिपो के अंदर लाने के बाद तकनीकी संबंधी ट्रायल के लिए सावधानी पूर्वक ट्रैक पर उतारने और जोड़ने का काम शुरू किया जाएगा।
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रैपिड रेल - फोटो : amar ujala
11 माह में बना पहला कोच, 30 ट्रेनें दौड़ेंगी कॉरिडोर पर
दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ तक प्रस्तावित 82 किमी लंबे रैपिड रेल कॉरिडोर में 30 ट्रेनें दौड़ेंगी। रैपिड रेल के पहले कोच का निर्माण कार्य 15 जुलाई 2021 को प्लांट में शुरू हुआ था। ऐसे में 11 माह के रिकॉर्ड समय में छह कोच का पहला रेल सेट तैयार हो गया है। साहिबाबाद से दुहाई तक 17 किमी लंबे पहले खंड में शुरुआत में 13 ट्रेनों का संचालन होगा। दुहाई डिपो में एक साथ 13 ट्रेनों को खड़ा करने की व्यवस्था की गई है। वहीं बाकी 17 ट्रेन मेरठ के मोदीपुरम में बन रहे डिपो में खड़ी की जाएंगी।

ग्रीन कॉरिडोर की तरह होगा इस्तेमाल
आपात चिकित्सा की स्थिति मे रैपिड रेल का इस्तेमाल ग्रीन कॉरिडोर की तरह हो सकेगा। एनसीआरटीसी ने इसी को देखते हुए कोच में स्ट्रेचर ले जाने के लिए विशेष स्थान निर्धारित किया है। चिकित्सा इमरजेंसी की स्थिति में मरीज को मेरठ से दिल्ली तक 55 मिनट में पहुंचाया जा सकेगा।

हर छह माह में खुलेगा 20 किमी का भाग
सबसे पहले गाजियाबाद में देश की पहली रैपिड रेल दौड़ेगी। साहिबाबाद से दुहाई तक पहले खंड में 95 फीसदी से अधिक काम पूरा हो चुका है। मार्च 2023 में साहिबाबाद से दुहाई तक प्राथमिकता खंड में रैपिड रेल दौड़ने लगेगी। इसके बाद एनसीआरटीसी की योजना हर छह माह में आगामी 20 किमी के सेक्शन को खोलने की है। ऐसे में पहले खंड के बाद दुहाई से मेरठ दक्षिण तक अक्तूबर 2023 में दूसरा सेक्शन खुलेगा। फिर जून 2024 में साहिबाबाद से दिल्ली और 2025 में मेरठ दक्षिण से मेरठ के मोदीपुरम का सेक्शन शुरू होगा।
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