पांचवीं सुरंग का काम हुआ तेज
दिल्ली से मेरठ का सफर आरआरटीएस से महज 50 मिनट में हो जाएगा। सीधे तौर पर एक घंटे के भीतर मेरठ से दिल्ली जा सकेंगे। तेजी से रैपिड का काम चल रहा है। सुदर्शन मशीन के जरिए भैसाली मैदान से बेगमपुल तक अंडरग्राउंड सुरंग तैयार की जा रही है। करीब एक किमी लंबी इस सुरंग का काम तेज गति से जारी है। मेरठ सेंट्रल, भैंसाली और बेगमपुल तीन भूमिगत स्टेशन हैं। इनमें छह समानांतर सुरंग तैयार होंगी। पांचवीं सुरंग पर काम शुरू हो गया है।
नीचे कार्यालय, ऊपर होगा मकान
रैपिड कॉरिडोर के मद्देनजर भू उपयोग परिवर्तन को लेकर नीति बनेगी। ऐसे में व्यवसायिक गतिविधियों पर जोर रहेगा। टीओडी वाले क्षेत्र में मिश्रित भू उपयोग रहेगा। इसमें बराबर और ऊपर नीचे पहले से बने भवन में विस्तार किया जा सकेगा। नीचे जहां कार्यालय बनाया जा सकता है तो वहीं ऊपर रहने के लिए मकान भी बना सकेंगे। मानचित्र के लिए एमडीए के साथ ही एनसीआरटीसी से भी इसे स्वीकृत कराना होगा।
एनसीआरटीसी तैयार करेगा जोनल प्लान
एमडीए ही रैपिड कॉरिडोर का जोनल प्लान तैयार कर रहा था। एमडीए ने मेरठ महायोजना-2031 में परतापुर और मोदीपुरम एसडीए के रूप में चिह्नित किया है। ऐसे ही रैपिड के स्टेशन पर 500 मीटर का क्षेत्र आईजेड के रूप में चिह्नित किया गया है, इनमें व्यावसायिक गतिविधियों को प्रमुखता दी जाएगी। एमडीए सचिव चंद्रपाल तिवारी ने बताया कि जोनल प्लान अब एनसीआरटीसी तैयार करेगा, इसके लिए शासन की ओर से निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत ट्रेफिक लोड, फुट फॉल, ट्रांसपोर्टेशन, ट्रैफिक मैनेजमेंट आदि बिंदुओं पर जोनल प्लान बनाया जाएगा।