उन्होंने कहा कि आवारा गोवंश ने किसानों की फसल नष्ट कर दी हैं। किसान भुखमरी के कगार पर आ गया है। उन्होंने आरोप लगाए कि प्रशासन किसानों की ट्यूबेल पर मीटर लगाने के लिए पुलिस का इस्तेमाल कर रहा है।
पुलिस किसानों को फर्जी मुकदमे लगाने की धमकी देकर डरा धमका रही है। उन्होंने कहा कि हम किसी सरकार के खिलाफ नहीं हैं लेकिन किसान अपने हक की लड़ाई जरूर लड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर आज जिला प्रशासन ने उनकी मांगों को पूरा नहीं किया तो कमिश्नरी पर किसानों की महापंचायत होगी, जिसमें भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचेंगे।
किसान नेता सतवीर जंगठी ने कहा कि भाजपा सरकार के लिए किसान कोई अहमियत नहीं रखते हैं। यही कारण है कि सरकार गन्ने का मूल्य घोषित नहीं कर रही है। गन्ना मिल बंद होने की स्थिति में है लेकिन अभी तक भी किसानों के हित में कोई कार्य नहीं किया गया है। धरना प्रदर्शन करने वालों में काफी किसान मौजूद रहे।