फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

संकट: राज्यरानी एक्सप्रेस अब 22 तक हुई रद, यात्रियों को 100 रुपये अधिक करने होंगे खर्च, इस वजह से लिया गया फैसला

Sat, 14 May 2022 11:19 AM IST
Dimple Sirohi अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

मेरठ से लखनऊ तक जाने वाली राज्यरानी एक्सप्रेस को 22 मई तक और लखनऊ से मेरठ के बीच चलने वाली राज्यरानी को 21 मई तक रद किया गया है। दस दिन तक यात्रियों को ट्रेन द्वारा मेरठ से लखनऊ जाने के लिए 100 रुपये अधिक खर्च करने पड़ेंगे।
विज्ञापन
शिवगंगा एक्सप्रेस का ओएचई से फंसकर टूटा पेंटो - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बिजली उत्पादन के लिए कोयला ले जाने वाली मालगाड़ियों के तेज संचालन के लिए मेरठ से लखनऊ के बीच चलने वाली राज्यरानी एक्सप्रेस रद कर दी गई है। अब मेरठ से लखनऊ जाने के लिए एकमात्र नौचंदी एक्सप्रेस ट्रेन बची है। इसमें यात्रियों को वेटिंग और लखनऊ तक किराया भी अधिक देना पड़ेगा। 

विज्ञापन


मेरठ से लखनऊ तक जाने वाली राज्यरानी एक्सप्रेस को 22 मई तक और लखनऊ से मेरठ के बीच चलने वाली राज्यरानी को 21 मई तक रद किया गया है। वहीं 22 मई तक नौचंदी एक्सप्रेस में वेटिंग 40 से लेकर 100 तक पहुंच रही है। मेरठ से काफी संख्या में छात्र, नेता, सरकारी कर्मचारी आदि प्रतिदिन लखनऊ जाते हैं। राज्यरानी एक्सप्रेस इसके पहले 28 अप्रैल से आठ मई तक भी कोयले की मालगाड़ियों की वजह से रोकी गई थी।  

मेरठ से लखनऊ तक
14 मई - 89, 15 मई - 55, 16 मई -43, 17 मई -42

लखनऊ से मेरठ तक
14 मई - 106, 15 मई -84, 16 मई - 65, 17 मई - 48, 18 मई - 48, 19 मई -55

यह भी पढ़े: सहारनपुर में बड़ी कारवाई: हाजी इकबाल की 107 करोड़ की 125 संपत्तियां जब्त
विज्ञापन


100 रुपये अधिक करने होंगे खर्च 
दस दिन तक यात्रियों को ट्रेन द्वारा मेरठ से लखनऊ जाने के लिए 100 रुपये अधिक खर्च करने पड़ेंगे। राज्यरानी में एसी चेयरकार का टिकट 645 रुपये है। जबकि नौचंदी में थ्री-टायर एसी का टिकट 745 रुपये है। वहीं सामान्य कोच में राज्यरानी का किराया 165 रुपये है। नौचंदी एक्सप्रेस में सामान्य स्लीपर कोच का किराया 275 रुपये है। 

आखिर क्या करें
मेरठ से लखनऊ जाते हैं। इतने वर्ष बाद भी दो ट्रेन का ही सहारा है। अब एक रद कर दी है। ऐसे में यात्रियों के लिए मुश्किल है। यही हाल दिल्ली रूट का हो रहा है -वैभव साहू, यात्री
विज्ञापन


राज्यरानी से सुबह चलकर दोपहर तक पहुंच जाते हैं। अगर कार्य जल्दी निपट जाए तो शाम को नौचंदी से वापस मेरठ आ जाते हैं। राज्यरानी रद होने से मुश्किल बढ़ी है। -विकास, यात्री

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें