बिजली उत्पादन के लिए कोयला ले जाने वाली मालगाड़ियों के तेज संचालन के लिए मेरठ से लखनऊ के बीच चलने वाली राज्यरानी एक्सप्रेस रद कर दी गई है। अब मेरठ से लखनऊ जाने के लिए एकमात्र नौचंदी एक्सप्रेस ट्रेन बची है। इसमें यात्रियों को वेटिंग और लखनऊ तक किराया भी अधिक देना पड़ेगा।
मेरठ से लखनऊ तक जाने वाली राज्यरानी एक्सप्रेस को 22 मई तक और लखनऊ से मेरठ के बीच चलने वाली राज्यरानी को 21 मई तक रद किया गया है। वहीं 22 मई तक नौचंदी एक्सप्रेस में वेटिंग 40 से लेकर 100 तक पहुंच रही है। मेरठ से काफी संख्या में छात्र, नेता, सरकारी कर्मचारी आदि प्रतिदिन लखनऊ जाते हैं। राज्यरानी एक्सप्रेस इसके पहले 28 अप्रैल से आठ मई तक भी कोयले की मालगाड़ियों की वजह से रोकी गई थी।
मेरठ से लखनऊ तक
14 मई - 89, 15 मई - 55, 16 मई -43, 17 मई -42
लखनऊ से मेरठ तक
14 मई - 106, 15 मई -84, 16 मई - 65, 17 मई - 48, 18 मई - 48, 19 मई -55
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100 रुपये अधिक करने होंगे खर्च
दस दिन तक यात्रियों को ट्रेन द्वारा मेरठ से लखनऊ जाने के लिए 100 रुपये अधिक खर्च करने पड़ेंगे। राज्यरानी में एसी चेयरकार का टिकट 645 रुपये है। जबकि नौचंदी में थ्री-टायर एसी का टिकट 745 रुपये है। वहीं सामान्य कोच में राज्यरानी का किराया 165 रुपये है। नौचंदी एक्सप्रेस में सामान्य स्लीपर कोच का किराया 275 रुपये है।
आखिर क्या करें
मेरठ से लखनऊ जाते हैं। इतने वर्ष बाद भी दो ट्रेन का ही सहारा है। अब एक रद कर दी है। ऐसे में यात्रियों के लिए मुश्किल है। यही हाल दिल्ली रूट का हो रहा है
-वैभव साहू, यात्री
राज्यरानी से सुबह चलकर दोपहर तक पहुंच जाते हैं। अगर कार्य जल्दी निपट जाए तो शाम को नौचंदी से वापस मेरठ आ जाते हैं। राज्यरानी रद होने से मुश्किल बढ़ी है।
-विकास, यात्री