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जैश-ए-मोहम्मद के शिकार हुए डॉ. गिरीश त्यागी ने सुनाई हाईजैक की खौफनाक कहानी...

Sat, 16 Feb 2019 05:16 PM IST
कपिल kapil दीपक भारद्वाज, अमर उजाला, मेरठ
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डॉ. त्यागी कंधार विमान हाईजैक के दौरान विमान रहे थे मौजूद - फोटो : अमर उजाला
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सरकार को अब देर नहीं करनी होगी। दृढ़ इच्छाशक्ति से देश में बदलाव की जरूरत है। कश्मीर में मौजूद अलगाववादी नेताओं के साथ सख्ती से कदम उठाना होगा। यह बातें कंधार विमान हाईजैक घटना में जैश का शिकार हुए मेरठ के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. गिरीश त्यागी ने कहीं।

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24 दिसंबर 1999 को देशभर को हिलाकर रख देने वाली कंधार विमान हाईजैक की हुई उस बड़ी घटना में जैश का हाथ रहा था। जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मौलाना मसूद अजहर समेत तीन आतंकियों को छोड़ा गया था। पुलवामा का आतंकी हमला भी जैश की ही करतूत है। कंधार विमान हाईजैक के दौरान चश्मदीद के रूप में विमान में मौजूद रहे डॉ. गिरीश त्यागी ने पुलवामा आतंकी हमले के परिप्रेक्ष्य में ‘अमर उजाला’ से खास बातचीत की। उन्होंने बताया कि आतंकवादी भी प्लान बनाने से पहले घबराया रहता है कि कहीं उसका प्लान फेल न हो जाए। वह उत्तेजना में रहता है। उदाहरण कंधार विमान हाइजैक भी है।

कश्मीर में व्यापार चौपट
डॉ. त्यागी ने बताया कि 25 साल पहले और अब के कश्मीर में बदलाव आ गया है। व्यापार चौपट हो गया है। कश्मीर के लोग भी इससे परेशान हैं। हमला इंसानियत पर हो रहा है। सभी को देश बचाने के लिए एक साथ होना चाहिए। 

Pulwama Attack Video: वो छेड़ेंगे हम तोड़ेंगे, न भूलेंगे न छोड़ेंगे-
https://www.youtube.com/watch?v=ZtRKUY8QOdQ

100 पेज की किताब पांच चरणों में
डॉ. त्यागी ने कंधार विमान हाईजैक पर ‘स्टेज ऑफ हाइजैकिंग’ पर 100 पेज की किताब लिखी है। दो माह में वह इसका प्रकाशन करा देंगे। उन्होंने इस किताब को पांच चरणों में विस्तार दिया है। हाईजैक के समय आतंकवादियों के व्यवहार और उनके साथ कैसे रहना है, बताया है। हमले के बाद यात्रियों के रिएक्शन के बारे में बताया।
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ये हैं चरण
- स्टेज ऑफ शॉक: आतंकवादियों के हमले के समय एकदम से झटका लगा। एक बार तो ऐसा लगा कि सब कुछ खत्म हो जाएगा।  
- स्टेज ऑफ इनाएल: इस स्टेज में हम ऐसा सोचते हैं कि ऐसा कुछ भी नहीं हैं। लेकिन दिमाग में डर बना रहता है। 
- स्टेज ऑफ एक्सपटेंस: इस स्टेज में हम हाईजैक हुए विमान को स्वीकार लेते हैं। वाकई में हम फंस गए हैं। 
- स्टेज ऑफ एडेपटेंस: इस स्टेज में हम आतंकवादियों के हिसाब से एडजस्ट करते हैं। इस प्रक्रिया में भी समय लगता है।
- स्टेज ऑफ रिलीज: उनसे छूटने और हमला होने के बाद किस तरह से हमें इस वातावरण से बाहर निकलना है, इस स्टेज में यह बताया गया है। 

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https://www.youtube.com/watch?v=qjGIA7hT61c
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