पूरा बिल चुकाने तक शव देने से इनकार, हंगामा
मेरठ। मंगल पांडेय नगर स्थित अस्पताल में पूरा बिल चुकाने तक शव देने से इनकार करने के बाद काफी देर तक हंगामा हो गया। बिल को लेकर बढ़े विवाद की सूचना पर सपा नेता विपिन मनोठिया और छात्र नेता विनीत चपराना पीड़ित परिवार की मदद को पहुंचे। उन्होंने शव परिजनों को दिलवाते हुए वहां से रवाना किया। पुलिस के पहुंचने से पहले हंगामा शांत हो गया।
न्यू अशोकपुरी कंकरखेड़ा निवासी अंकुश (18) पुत्र सचिन चौहान को परिजनों ने चार मई की रात गंभीर हालत में मंगल पांडेय नगर स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। अंकुश की शुगर बढ़ गई थी। उसका उपचार रहा और सेहत में सुधार होने लगा। रविवार शाम को छुट्टी होनी थी। इसलिए परिवार के लोग रुपये की व्यवस्था करने में जुट गए। दोपहर में अचानक परिजनों को फ़ोन आया कि अंकुश की मौत हो गई है। बदहवास हालत में परिजन अस्पताल पहुंचे।
परिजनों के मुताबिक अचानक हालत बिगड़ने की बात पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। बिल चुकाने की बारी आई तो पता चला कि अस्पताल ने 2.5 लाख रुपये का बिल बनाया है, जबकि 1.25 लाख रुपये वे पहले जमा करा चुके थे। परिजनों ने बिल में कुछ छूट देने की गुहार लगाई तो मना कर दिया गया। यहां तक कह दिया गया कि शव तब ही मिलेगा, जब पूरा बिल जमा हो जाएगा। परिजन रोते बिलखते गुहार लगाते रहे लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
छात्र नेता से जमकर हुई नोकझोंक
सूचना पाकर पहले सपा नेता विपिन मनोठिया और फिर छात्र नेता विनीत चपराना साथियों के साथ वहां आ गए। दोनों ने अस्पताल प्रशासन को खरी-खोटी सुनाई। हंगामा बढ़ता गया और लोग एकत्र हो गए। पीड़ित परिवार ने बताया कि उन्होंने बेटे के इलाज के लिए अपना मकान तक गिरवी रख दिया, लेकिन अब उनकी और बिल देने की गुंजाइश नहीं है। आखिरकार अस्पताल ने बिल में राहत दी और इसके बाद परिवार को शव दिया गया।