वार्षिक प्रणाली के तहत ही भरे जाएंगे प्राइवेट परीक्षा फॉर्म
मेरठ। सीसीएसयू से संबद्ध कॉलेजों में इस बार भी वार्षिक प्रणाली के अंतर्गत ही प्राइवेट परीक्षा फॉर्म भरे जाएंगे। प्राइवेट परीक्षा में पंजीकृत छात्र-छात्राओं का पंजीकृत केंद्र डिग्री पूर्ण होने तक एक ही रहेगा। फरवरी के पहले सप्ताह में प्राइवेट परीक्षा फॉर्म आ जाएंगे। परीक्षा समिति की बैठक में बुधवार को ये निर्णय लिए गए हैं।
कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला की अध्यक्षता में परीक्षा समिति की बैठक का आयोजन विवि के समिति कक्ष में हुआ। बैठक में निर्णय लिया गया कि पहले वर्षों की तरह ही प्राइवेट परीक्षा के फार्म इस वर्ष भी वार्षिक प्रणाली के अंतर्गत ही भरे जाएंगे। इस बार जिस केंद्र पर छात्र-छात्राएं पहले वर्ष के फार्म भरेंगे, दूसरे और तीसरे वर्ष की परीक्षा भी उसी केंद्र से देनी होगी।
बैठक में काल बाधित छात्र-छात्राओं को भी राहत दी गई। एक वर्ष कालबाधित छात्र-छात्राएं पांच हजार रुपये तथा दो वर्ष कालबाधित छात्र-छात्राएं 10 हजार रुपये शुल्क जमा करके उपाधि पूर्ण कर सकते हैं। केवल एकल विषय में ही परीक्षा फार्म भरे जा सकते हैं। बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रथम वर्ष-सेमेस्टर में प्रमोट छात्र-छात्राएं अगर द्वितीय सेमेस्टर-वार्षिक में फेल हैं तो उनको द्वितीय वर्ष-सेमेस्टर की परीक्षा दोबारा से देनी होगी। द्वितीय वर्ष-सेमेस्टर की परीक्षा में मिले अंकों के आधार पर प्रथम वर्ष-सेमेस्टर की अंक तालिका में संशोधन किया जाएगा। यूजी-पीजी में प्राइवेट परीक्षा में हर साल डेढ़ लाख के करीब छात्र-छात्राएं फार्म भरते हैं।
ये रहे शामिल
परीक्षा समिति की बैठक में प्रति कुलपति प्रो. वाई विमला, कुलसचिव धीरेंद्र कुमार वर्मा, परीक्षा नियंत्रक डॉ. अश्वनी कुमार शर्मा, प्रो. नवीन चंद्र लोहनी, प्रो. मृदुल गुप्ता, प्रो. हरे कृष्णा, प्रो. एसएस गौरव, प्रो. विजय जायसवाल, सहायक कुलसचिव सत्यप्रकाश, डॉ. अंजलि मित्तल, डॉ. जीनत जैदी, डॉ. अंजू सिंह, प्रो. प्रशांत कुमार, प्रेस प्रवक्ता मितेंद्र कुमार गुप्ता मौजूद रहे।