शिक्षक बोले बनाया जाए व्यवहारिक
विद्यालय में इंचार्ज आरजू आर्य और अन्य स्टाफ बच्चों को प्रार्थना सभा के बाद पीटी करा रहा था। प्रेरणा एप के बारे में प्रधानाध्यापिका और अन्य अध्यापिकाओं ने बताया कि इस एप के माध्यम से हाजिरी लगाने समेत मिड डे मील, बच्चों की उपस्थिति समेत कम से कम चार बार सेल्फी लेकर भेजनी होगी।
इस एप को डाउन लोड करने पर उनका पर्सनल डाटा भी सेफ नहीं रहेगा। ऐसी स्थिति में वे बच्चों को संभालेंगी या सेल्फी भेजेंगी। पहले दिन उन्होंने प्रेरणा एप को मोबाइल में न अपलोड किया और न ही हाजिरी भेजी है। उन्होंने प्रेरणा एप को लागू करने से पहले इसके प्रयोग में आने वाली दिक्कतों को दूर कर व्यवहारिक बनाया जाना चाहिए।
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इंटरनेट दे रहा धोखा
सरकार के आदेश के बाद क्षेत्र के सरकारी अध्यापकों ने प्रेरणा ऐप के जरिए हाजिरी तो लगानी शुरू कर दी, लेकिन ऐप में सामने आ रही कई तकनीकी खामियों के कारण उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
प्राथमिक विद्यालय नंबर एक के प्रधानाचार्य जुल्फिकार अली त्यागी ने बताया कि उन्होंने ऐप के जरिए सुबह आठ बजे स्कूल पहुंचकर हाजिरी लगाई। बताया कि पहले तो ऐप ने लॉगिन होने में बीस मिनट ली, लेकिन सर्वर ठप होने की वजह से बच्चों के फोटो आदि अपलोड नहीं हो पा रहे थे।