पूनम चौधरी बताती हैं कि उनकी सफलता के पीछे पिता बुद्धि सिंह, माता मनोरमा, बेटी रुशाली चौधरी और उनके भाई एवं भाभियों का बड़ा सहयोग है। जिस उम्र में बेटी रुशाली को मां के प्यार की जरूरत थी तब वह उनको पढ़ाई करने के लिए कहती थी। रुशाली अब दसवीं कक्षा में है।
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पूनम अपनी सफलता का श्रेय सिविल एकेडमी के अभिषेक शर्मा को भी देती हैं। उन्होंने यहीं से कोचिंग ली। यूपी-पीसीएस अपर सबोर्डिनेट 2021 के पद पर चयनित होने के बाद उनको जीआईसी के प्राचार्य पद पर तैनाती मिली है।