लोगों की समस्याओं के निस्तारण के लिए थाना समाधान दिवस की व्यवस्था खानापूर्ति साबित हो रही है। गिनती की शिकायतें ही थानों पर आ रही हैं। आलम यह है कि रिकॉर्ड दुरुस्त रखने के लिए बनाए गए कई थानों में रजिस्टर तक कोरे पड़े हैं।
शुरुआत में महीने के पहले और तीसरे शनिवार को यह दिवस लगता था। लेकिन बाद में महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को निर्धारित कर दिया गया। मुख्यमंत्री पोर्टल और अफसरों तक पहुंच रहीं शिकायतों को देखते हुए यह व्यवस्था तैयार की गई थी। लेकिन न तो उम्मीद के अनुरूप शिकायतें आ रही हैं और न ही समाधान हो रहा है।
लोग कम हैं जागरूक
थाना समाधान दिवस के बारे में लोग भी उतने जागरूक नहीं हैं। पुलिस भी नहीं चाहती कि ज्यादा शिकायतें पहुंचे। इसलिए ऐसा हाल हो रहा है। अब तो कुछ जगहों से थाना समाधान दिवस से जुड़े बोर्ड तक गायब हुए हैं।
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जनवरी में शिकायतों की स्थिति
सिविल लाइन 03
नौचंदी 04
मेडिकल 02
ब्रह्मपुरी 02
रेलवे रोड 00
सदर बाजार 03
लालकुर्ती 00
कोतवाली 00
टीपीनगर 06
कंकरखेड़ा 07
परतापुर 05
पल्लवपुरम 03
गंगानगर 03
समस्याओं के निस्तारण के लिए थाना स्तर पर समाधान दिवस की व्यवस्था है। कोरोना काल और लॉकडाउन के बाद शिकायतें कम हुई हैं। इसके बाद भी थानेदारों को पूरी गंभीरता व पारदर्शिता बनाते हुए समस्या निराकरण के निर्देश दिए गए हैं।
- डॉ. अखिलेश नारायण सिंह, एसपी सिटी