एक शौचालय पर सरकार के 20 हजार खर्च
- स्वच्छ भारत मिशन के तहत परिवारों को अपने घर में शौचालय निर्माण करने के लिए सरकारी खजाने से किश्तों में 20 हजार रुपये दिए जा रहे हैं। नगर निगम प्रशासन ने तीन माह पहले लगभग 11 हजार आवेदकों के खाते में शौचालय निर्माण के लिए गड्ढा खोदने के लिए पहली किश्त के चार हजार रुपये जारी कर दिए।
नियमानुसार ये थी प्रक्रिया
- जिनके घर में शौचालय नहीं है। उन्हें पहले नगर निगम में शौचालय के लिए आवेदन करना था।
- सफाई निरीक्षक की सत्यापन रिपोर्ट के बाद ही भवन स्वामी को शौचालय निर्माण के लिए गड्ढा खोदने की अनुमति दी जानी थी।
- आवेदक को खोदे गए गड्ढे की फोटो डालनी थी। इसके बाद ही पहली किस्त चार हजार रुपये आवेदक के खाते में भेजने थे।
- शौचालय का पूरा निर्माण करने के बाद आवेदक के खाते में दूसरी किश्त की धनराशि जानी थी।
चार हजार लिए, नहीं बनाए शौचालय
शहर में लगभग पांच हजार परिवार ऐसे हैं। जिन्होंने सरकारी खजाने से चार हजार रुपये लेने के बाद न तो शौचालय बनवाए और न ही सरकारी धन वापस किया। इतना ही नहीं आवेदन में दिए गए पते पर भी परिवार नहीं मिल रहे हैं। सर्वे में ऐसे भी सैकड़ों परिवार मिलें, जिन्होंने पैसा भी ले लिया, लेकिन शौचालय बनाने से मना कर रहे हैं। कई परिवारों ने तो गड्ढा खुदवाना शुरू भी नहीं कराया तो कई के पास पहले से शौचालय मिले।
सरकारी धन की होगी रिकवरी
जिन परिवारों ने धन लेने के बाद भी शौचालय नहीं बनाए हैं। या फिर पते से गायब मिल रहे हैं। उन सभी की सूची तैयार की जा रही है। फिर से एक बार सफाई इंस्पेक्टरों से सर्वे कराया जाएगा। ताकि धन वापसी की कार्रवाई हो सके।
डा. कुंवरसेन, नगर स्वास्थ्य अधिकारी।
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