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यूपी के इस शहर में छिपे 320 इनामी बदमाश, पुलिस को हर रोज दे रहे चुनौती, दहशत में कई परिवार

Tue, 09 Oct 2018 04:29 PM IST
गजेंद्र चौधरी, अमर उजाला, मेरठ
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यूपी पुलिस
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मेरठ में 25 मोस्ट वांटेड बदमाशों ने मोबाइल फोन से किनारा कर रखा है और ये पुलिस व सर्विलांस की पहुंच से दूर हो गए हैं। मुखबिर तंत्र भी इनका सुराग लगाने में फेल है। खौफ के कारण भी इनके बारे में सटीक सूचनाएं नहीं मिल पा रही हैं और पुलिस हालात के सामने सरेंडर है। इन्हें ढूंढने में एसटीएफ ने पश्चिमी यूपी के जिलों में जाल बिछाया है। मेरठ में ही चार बड़े कुख्यात बदमाश लगभग हर रोज पुलिस को चुनौती देते हैं, जिनसे कई परिवार खौफजदा हैं। मेरठ में एक-एक लाख के तीन इनामी व 50-50 हजार के 12 इनामी, 25-25 के 80 इनामी सहित कुल 320 कुख्यात हैं। इनमें कई को तो मानो पुलिस भूल गई है या इनकी तलाश के रास्ते बंद हो चुके हैं। 

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ये कुख्यात पूरी तरह से भूमिगत हैं। पुलिस की मानें तो इनके मोबाइल की आखिर लोकेशन नेपाल, हरियाणा, पंजाब और दूरदराज के राज्यों में मिली थी। इसके बाद इनकी कोई लोकेशन पुलिस को नहीं मिली। हालांकि कई कुख्यातों को स्थानीय जंगलों में देखने की सूचनाएं आती रही हैं और इनकी तलाश में इनके गुर्गे पुलिस ने जेल भेज दिए लेकिन इनकी सटीक जानकारी फिर भी पुलिस को नहीं मिल पाई। 

मोस्ट वांटेड 25 कुख्यातों की तलाश में अब एसटीएफ की टीमें लगी हैं। मेरठ जोन के अलावा दूसरे राज्यों में एसटीएफ ने अपना जाल बिछाया है। एक एक कुख्यात की कुंडली खंगाली गई। सीओ एसटीएफ बृजेश सिंह ने बताया कि ये सभी कुख्यात बेहद शातिर हैं और मोबाइल फोन का प्रयोग नहीं करते हैं। एसटीएफ का टीम वर्क चल रहा है। एक लाख और 50 हजार के इनामी बदमाशों की तलाश की जा रही है।

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नंबर बंद, इंटरनेट सेवा चालू 
सुशील मूंछ, वाजिद काला, हरीश, अकरम, सोनू, शहजाद, संजीव पकौड़ी आदि ने इनाम घोषित होते ही मोबाइल फोन बंद कर दिए। इनमें कई कुख्यात फेसबुक अकाउंट अपडेट रखते हैं, लेकिन कॉल करने के लिए मोबाइल नेटवर्क का इस्तेमाल नहीं करते। पुलिस का मानना है कि ये नए हैंडसेट और नए सिम लेकर केवल इंटरनेट से जुड़े हैं। इन नंबरों को पुलिस इसलिए ट्रेस नहीं कर पा रही है, क्योंकि इनसे ट्रैक किए जाने वाले नंबरों पर कोई कॉल नहीं की जाती है। संभव है कि फेसबुक, व्हाट्सएप या दूसरी कॉल ऐप्स का प्रयोग किया जाता हो। 

इनामी बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए कप्तानों को निर्देश दिया हुआ हैं। जनपदीय क्राइम ब्रांच की टीमें भी तलाश में लगी हैं। कई कुख्यात मोबाइल नहीं चलाते और मेरठ जोन से बाहर भागे हुए हैं। पता चलेगा तो बच नहीं पाएंगे। -प्रशांत कुमार, एडीजी   

एक लाख के इनामी 
- हरीश पुत्र ब्रह्मपाल, भौराखुर्द, मुजफ्फरनगर
- सुशील मूंछ, मुजफ्फरनगर 
- अकरम पुत्र रहमत, खालापार मुजफ्फरनगर
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50 हजार के इनामी 
1. सोनू पुत्र धर्मसिंह, अलीपुर मोरना, हस्तिनापुर (मेरठ), 2. शहजाद पुत्र यामीन, परीक्षितगढ़ (मेरठ), 3. मोनू गुर्जर पुत्र ब्रह्म सिंह, न्यू सैनिक विहार, कंकरखेड़ा (मेरठ), 4. संजीव पुत्र राजेंद्र, सरूरपुर (मेरठ), 5. सन्नी पुत्र दिनेश यादव, कविनगर (गाजियाबाद), 6. विनोद कुमार पुत्र रामेश्वर शर्मा, जखैता, शिकारपुर (बुलंदशहर), 7. वाजिद उर्फ काला, जंधेड़ी, कैराना (शामल), 8. सुधीर उर्फ महकार पुत्र लालसिंह, मिरगपुर, देवबंद (सहारनपुर), 9. संजीव पुत्र त्रिपाल, कांधला (मुजफ्फरनगर), 10. नानू उर्फ रमेश उर्फ ऋषिपाल पुत्र रामसिंह, जटौल, देवबंद (सहारनपुर), 11. मोहन, शामली, 12.  कपिल उर्फ काला पुत्र प्रताप सिंह, लालपुर, भावनपुर (मेरठ)

25 हजार के इनामी 
- मोनू, अछरौंडा परतापुर (मेरठ), 2. नजाकत उर्फ पप्पू, ब्रह्मपुरी (मेरठ), 3. मोहित चौधरी, पुलिस लाइन (मेरठ), 4. ताहिर उर्फ मोटा, खरखौदा (मेरठ), 5. संजीव पकौड़ी, सरूरपुर (मेरठ) के अलावा गाजियाबाद के 10, हापुड़ के तीन, बुलंदशहर के 13, मुजफ्फरनगर के 15, सहारनपुर के 12, शामली के सात, बागपत के सात, नोएडा के आठ बदमाशों पर 25 हजार का इनाम है।

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