मेरठ। महानगर में प्रीपेड स्मार्ट मीटर को लेकर विद्युत उपभोक्ताओं की लापरवाही भारी पड़ती जा रही है। मीटर का बैलेंस शून्य से नीचे यानी माइनस में पहुंच जाने के बावजूद बड़ी संख्या में उपभोक्ता उन्हें रिचार्ज नहीं करा रहे हैं। इसका सीधा परिणाम बिजली कनेक्शन कटने के रूप में सामने आ रहा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पीवीवीएनएल) ने उपभोक्ताओं को जागरूक करने के लिए एक बार फिर बड़े स्तर पर अभियान छेड़ दिया है।
उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के निर्देशानुसार पूरे प्रदेश में सामान्य स्मार्ट मीटरों को प्रीपेड स्मार्ट मीटरों में बदलने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। इसी कड़ी में मेरठ महानगर में अब तक लगभग सवा लाख प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। समस्या तब उत्पन्न हो रही है जब उपभोक्ता समय पर रिचार्ज नहीं करते और उनका बकाया बढ़ता चला जाता है। जब यह बकाया राशि एक निश्चित सीमा से अधिक हो जाती है तो लखनऊ मुख्यालय से ही सीधे इन बकायेदारों के कनेक्शन काट दिए जाते हैं। शनिवार को भी इसी कड़ी में बड़ी कार्रवाई करते हुए मेरठ के लगभग 3200 उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन काट दिए गए।
आंकड़ों के अनुसार अकेले मेरठ महानगर में ही 68 हजार ऐसे उपभोक्ता चिन्हित किए गए हैं जिन्होंने लंबे समय से रिचार्ज नहीं कराया है और उन पर कुल 23 करोड़ रुपये का बकाया चल रहा है। उपभोक्ताओं को हो रही असुविधा और बढ़ते बकाये को देखते हुए पीवीवीएनएल के प्रबंध निदेशक रवीश गुप्ता ने जनता से अपने प्रीपेड मीटरों को तत्काल रिचार्ज करने की अपील की है।
विद्युत निगम के अधिकारियों ने अब खुद सड़क पर उतरकर कमान संभाल ली है। मुख्य अभियंता मेरठ जोन-1 मुनीश चोपड़ा और मुख्य अभियंता मेरठ जोन-2 गुरजीत सिंह व्यक्तिगत रूप से इस जागरूकता अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं। इनके साथ ही अधीक्षण अभियंता अरशद अहमद, अधिशासी अभियंता वाणिज्य महेश कुमार और अधिशासी अभियंता प्रशांत सोनी ने भी अपने-अपने क्षेत्रों में मोर्चा संभाल लिया है। अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि बिजली की निर्बाध आपूर्ति के लिए उपभोक्ताओं को अपने मीटर रिचार्ज रखने होंगे, अन्यथा मुख्यालय स्तर से ऑटोमैटिक सिस्टम द्वारा कनेक्शन काट दिए जाएंगे।