इसके बाद परिजनों ने थाने का घेराव कर दिया। काफी देर चले हंगामे के बाद पुलिस ने स्टोर संचालक आलोक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। मेडिकल थाना प्रभारी अखिलेश गौड़ ने बताया कि सीएमओ कार्यालय को जांच के लिए पत्र लिखा गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। डॉक्टर के पर्चे को भी कब्जे में ले लिया गया है, ताकि दवा क्या अलग दी, इसके बारे में पूरी जांच हो सके।
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इन्होंने कहा...
न्यूटिमा अस्पताल को लेकर कोई हंगामा नहीं हुआ। बाहर मेडिकल स्टोर से दवाइयां ली हैं। जो दवाई मरीज को लिखी गई थी, वह दवाइयां स्टोर संचालक ने न देकर कोई दूसरी दवाई दे दी। जिसको लेने से मरीज की मौत हो गई है। न्यूटिमा अस्पताल से दवाइयां का कोई लेना-देना नहीं है।
- डॉ. संदीप गर्ग, प्रबंधक, न्यूटिमा अस्पताल, मेरठ