पिछली बार इसे पिछड़ा वर्ग में आरक्षित किया गया लेकिन अब फिर पिछड़ा वर्ग महिला में आरक्षित किया गया है। जिला पंचायत सदस्यों के जिन वार्डों में वर्ष 2015 के अनुसार बदलाव किया गया है, उसमें वार्ड- एक, दो, चार से 14 तक, 16, 18 से 20 तक, 22, 24, 25 और 29 से 33 तक शामिल हैं।
नई आरक्षण प्रक्रिया में 12 ब्लॉक के 479 ग्राम पंचायतों में 50 प्रतिशत से अधिक में आरक्षण बदल गया है। इसे लेकर अब नए सिरे से गांवों में प्रधान पद पर माथापच्ची शुरू हो गई है। शनिवार दोपहर आरक्षण सूची जारी होते ही विकास भवन सहित ब्लॉकों में आरक्षण देखने के लिए आम लोगों के अलावा दावेदार जुटने लगे थे।
मेरठ ब्लॉक में 19 ग्राम पंचायतें, माछरा में 42 में से 32 ग्राम पंचायतों का आरक्षण बदल गया है। हस्तिनापुर ब्लॉक के 46 गांवों में से 40 में आरक्षण बदल गया है। हालांकि 479 ग्राम पंचायतों में वर्ष 1995 के अनुसार ही 161 महिला ग्राम प्रधान चुनी जाएंगी लेकिन इनकी ग्राम पंचायतों में बदलाव हो गया है। इसमें 38 अनुसूचित जाति महिला, 47 अन्य पिछड़ा वर्ग महिला और 76 सामान्य महिला शामिल हैं। इसके अलावा 171 ग्राम पंचायतें अनारक्षित रखी गईं हैं।
ब्लॉक प्रमुख आरक्षण
दौराला अनुसूचित जाति महिला
रोहटा अनुसूचित जाति
मवाना पिछड़ा वर्ग महिला
मेरठ पिछड़ा वर्ग
जानी खुर्द पिछड़ा वर्ग
सरधना महिला
रजपुरा महिला
(नोट: खरखौदा, सरुरपुर खुर्द, माछरा, परीक्षितगढ़ और हस्तिनापुर के ब्लॉक प्रमुख पद अनारक्षित हैं।)
विधायक संगीत और जितेंद्र के गांव अब आरक्षित
सरधना विधायक संगीत सोम के गांव आलमगीरपुर फरीदपुर के गांव का आरक्षण अनारक्षित से बदल कर पिछड़ा वर्ग में आ गया है। गांव दो बार से अनारक्षित था। वहीं, दो बार से अनारक्षित चल रहे सिवालखास विधायक जितेंद्र सतवाई का ग्राम प्रधान पद अब अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित हो गया है।
23 तक दे सकते हैं आपत्तियां
आरक्षण की सूची पर 23 मार्च तक पदों के अनुसार आपत्तियां ली जाएंगी। इसके बाद ही अंतिम प्रकाशन होगा। - आलोक सिन्हा, जिला पंचायती राज अधिकारी