कोविड-19 अस्पताल में सिर्फ लिक्विड ऑक्सीजन का इस्तेमाल हो रहा है। जहां तक ऑक्सीजन सिलिंडर की बात है तो 7 क्यूबिक मीटर के 80 से 90 सिलिंडर कोविड-19 से पहले और इस दौरान भी इस्तेमाल होते थे, जबकि सितंबर माह में इमरजेंसी में 125 से 150 सिलिंडर तक भी हर रोज प्रयोग किए जा रहे थे।
अब यह संख्या भी 300 के करीब पहुंच गई है। दरअसल, अब नॉन कोविड मरीजों की संख्या बढ़ गई है। इसके अलावा चिकित्सकों की कोशिश रहती है कि मरीजों में ऑक्सीजन की थोड़ी भी कमी न होने पाए। 40 से 50 सिलिंडर का बैकअप रखना पड़ता है।
एनटीपीसी और टाटा से भी लेंगे ऑक्सीजन
कमिश्नर सुरेंद्र सिंह ने बताया कि एनटीपीसी ने दादरी में स्थापित ऑक्सीजन यूनिट ने मेरठ मंडल को ऑक्सीजन उपलब्ध कराने का वादा किया है। गाजियाबाद स्थित टाटा की यूनिट में पाइपलाइन से ऑक्सीजन आती है। यह यहां से भी उपलब्ध होगी।
ऑक्सीजन की कमी कहीं नहीं
अभी मेरठ के किसी अस्पताल में भी ऑक्सीजन की कमी नहीं है। सुभारती अस्पताल में लिक्विड ऑक्सीजन टैंक से सप्लाई होती है। उनके पास ऑक्सीजन बनाने के संयंत्र भी हैं। मुलायम सिंह यादव मेडिकल कॉलेज, आनंद, लोकप्रिय आदि सभी में भी पर्याप्त व्यवस्था है। - डॉ अखिलेश मोहन, सीएमओ