शोषित वंचित समाज सम्मेलन में सांसद असदुद्दीन ओवैसी के निशाने पर सबसे ज्यादा आरएसएस रही। उन्होंने जंग-ए-आजादी में आरएसएस के नेताओं की भूमिका पर सवाल उठाए। वीर सावरकर पर भी टिप्पणी की और नाथू राम गोडसे का भी जिक्र किया। हरिद्वार की धर्म संसद में मुसलमानों पर हुई चर्चा पर भाजपा और भाजपा की उत्तराखंड सरकार को आड़े हाथों लिया, तो सपा, बसपा और कांग्रेस की बखिया उधेड़ी। यहां तक कहा कि धर्म संसद में मुसलमानों के खिलाफ जहर उगलने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाती और यदि छत्तीसगढ़ के रायपुर में हुई धर्म संसद में महात्मा गांधी पर टिप्पणी की जाती है, तो कार्रवाई होती है। 47 मिनट के भाषण में ओवैसी मुसलमानों की जंगे आजादी में भूमिका कब बार-बार जिक्र करते रहे।