फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ओवैसी बोले: फिरकापरस्ती की बात करती है भाजपा, आरएसएस बताए- जंग-ए-आजादी में उनके किस नेता ने दी कुर्बानी

Sat, 01 Jan 2022 11:00 PM IST
प्रशांत कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर

सार

ओवैसी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के राज में फसाद की बात की जाती है और योगी राज में अपराध व जातिवाद की बात होती है। उन्होंने सपा, बसपा व कांग्रेस के बारे में कहा कि हरिद्वार के धर्म संसद में मुसलमानों के कत्लेआम की बात की गई, इनमें से किसी ने इस धर्म संसद का विरोध नहीं किया।
विज्ञापन
असदुद्दीन ओवैसी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि भाजपा देश को एक मजहब से जोड़कर फिरकापरस्ती की बात करती है, जबकि यह देश सभी का है। मुसलमान हिंदुस्तान से मोहब्बत करता है। मुसलमानों को देशभक्ति सिखाने वाले आरएसएस के लोग बताएं कि जंग-ए-आजादी में उनके किस नेता ने कुर्बानी दी, जबकि तारीख गवाह है कि मुल्क को आजाद कराने में उलमा के खून से धरती लाल हुई है। उन्होंने कहा कि सहारनपुर की सरजमी से जंग-ए-आजादी में उलमा ने आवाज बुलंद की। तहरीक-ए-रेशमी रुमाल भी यहीं से चली। 

विज्ञापन


सांसद ओवैसी शनिवार को बेहट के आनंद बाग मैदान में शोषित वंचित समाज सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज मुल्क की फिजाओं में फिरकापरस्ती और नफरतों का जहर घोला जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुसलमानों को दबाने की कोशिश की जा रही है। नरेंद्र मोदी हिंदू राष्ट्र की बात करते हैं, लेकिन हम मुस्लिमों की नहीं संयुक्त कल्चर की बात करते हैं। हमारे बुजुर्गों ने इंडियन नेशनलिज्म का नारा दिया था। हम उसी के तहत मुस्लिमों की ही नहीं बल्कि अनुसूचित और पिछड़ों के हकों के लिए भी आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के राज में फसाद की बात की जाती है और योगी राज में अपराध व जातिवाद की बात होती है। उन्होंने सपा, बसपा व कांग्रेस के बारे में कहा कि हरिद्वार के धर्म संसद में मुसलमानों के कत्लेआम की बात की गई, इनमें से किसी ने इस धर्म संसद का विरोध नहीं किया।

विज्ञापन

ओवैसी के निशाने पर रही आरएसएस 

शोषित वंचित समाज सम्मेलन में सांसद असदुद्दीन ओवैसी के निशाने पर सबसे ज्यादा आरएसएस रही। उन्होंने जंग-ए-आजादी में आरएसएस के नेताओं की भूमिका पर सवाल उठाए। वीर सावरकर पर भी टिप्पणी की और नाथू राम गोडसे का भी जिक्र किया। हरिद्वार की धर्म संसद में मुसलमानों पर हुई चर्चा पर भाजपा और भाजपा की उत्तराखंड सरकार को आड़े हाथों लिया, तो सपा, बसपा और कांग्रेस की बखिया उधेड़ी। यहां तक कहा कि धर्म संसद में मुसलमानों के खिलाफ जहर उगलने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाती और यदि छत्तीसगढ़ के रायपुर में हुई धर्म संसद में महात्मा गांधी पर टिप्पणी की जाती है, तो कार्रवाई होती है। 47 मिनट के भाषण में ओवैसी मुसलमानों की जंगे आजादी में भूमिका कब बार-बार जिक्र करते रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें