इस योजना के तहत 1352 तरह की जांच और सर्जरी समेत पांच लाख रुपये तक की निशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जानी है। इसमें 60 प्रतिशत खर्च केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत खर्च राज्य सरकार उठा रही है। इस योजना को लाभार्थी को किसी तरह का खर्च नहीं करना होता है। अस्पताल खुद बीमा कंपनी से क्लेम लेता है। लेकिन योजना में अभी भी सभी लाभार्थियों को लाभ नहीं मिल पा रहा है।
आयुष्मान योजना
गोल्डन कार्ड बने: 191863
मरीजों को इलाज: 11786
क्लेम मिला: 10432
मानकों को पूरा न करने वाले दो अस्पतालों को इस योजना से बाहर कर दिया गया है, जबकि तीन और अस्पतालों को अलग करने की तैयारी है। फिलहाल आयुष्मान योजना में 63 अस्पताल पंजीकृत हैं। इनमें से छह सरकारी और बाकी निजी हैं। तीन और अस्पताल बाहर हो जाने के बाद इनकी संख्या 60 रह जाएगी।
जल्द हर लाभार्थी तक पहुचेंगे गोल्डन कार्ड
आयुष्मान योजना में मेरठ बेहतर कर रहा है। जल्द हर लाभार्थी तक गोल्डन कार्ड पहुंचेंगे। 95 प्रतिशत मरीजों के इलाज का पैसा (17 करोड़ 3 लाख रुपये) अस्पतालों को मिल चुका है। -डॉ. पूजा शर्मा, एसीएमओ