मेरठ में ओमिक्रॉन के खौफ के चलते स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है। विदेश से आए 967 लोगों में से 564 की जांच हो चुकी है। अभी 403 की जांच बाकी है। वहीं एक दिसंबर से चला फोकस अभियान पूरा हो गया है। इसके तहत 7212 लोगों के सैंपल लेकर जांच की गई, गनीमत रही इन सबकी रिपोर्ट नेगेटिव है।
कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन का खौफ है। इसी वजह से विदेश से आए लोगों और फोकस सैंपलिंग कर जांच कराई जा रही है। 24 नवंबर से लेकर अब तक विदेश से 967 लोग आ चुके हैं। इनमें से चार सौ से ज्यादा की जांच होनी अभी बाकी है। इनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर जीनोम सीक्वेंसिंग कराई जाएगी। जिले में अब रक 66045 मरीज मिल चुके हैं। कोरोना का पहला मरीज 27 मार्च 2020 को मिला था।
सर्विलांस अधिकारी डॉ. अशोक तालियान ने बताया कि मेरठ में कोरोना का सिर्फ एक केस सक्रिय है। फिर भी एहितायतन तमाम तैयारी कर ली गई है। अस्पतालों और नर्सिंग होम में जरूरत के हिसाब से बेड आरक्षित किए जाएंगे।
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डेंगू का एक मरीज मिला
डेंगू का शनिवार को एक मरीज मिला। इस साल मरीजों की कुल संख्या 1647 पहुंच गई है। इनमें से 1639 मरीज ठीक हो चुके हैं। 12 केस सक्रिय हैं। तीन अस्पताल में हैं और पांच घर पर रहकर इलाज करा रहे हैं।
17672 लोगों ने लगवाया कोरोना से बचाव का टीका
जिले में शनिवार को 175 बूथों पर 17672 लोगों ने कोरोना से बचाव का टीका लगवाया। हालांकि 75 हजार लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया था। जिले में अब तक 20 लाख 54 हजार 863 लोग कोरोना से बचाव की पहली डोज लगवा चुके हैं, जबकि इनमें से 11 लाख 92 हजार 871 को दोनों डोज लग चुकी हैं। दोनों डोज लगने के बाद ही टीकाकरण पूर्ण माना जाता है। सोमवार को 197 बूथों पर 75 हजार लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है।