न्यूटिमा मामले ने पकड़ा तूल, आईएमए-अतुल प्रधान आमने-सामने
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। गढ़ रोड स्थित न्यूटिमा अस्पताल में मरीज के बिल को लेकर हुए हंगामे का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। आईएमए के चिकित्सक और सरधना विधायक अतुल प्रधान आमने-सामने आ गए हैं। दोनों पक्षों ने बृहस्पतिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना-अपना पक्ष रखा। इस मामले की गूंज लखनऊ तक है। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी एक्स पर लिखा था और जांच करने के निर्देश दिए थे। इस पर जिलाधिकारी ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित की थी जो जांच कर रही है। कमेटी को तीन दिन में रिपोर्ट देनी है।
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अस्पतालों में अराजकता नहीं करेंगे बर्दाश्त: आईएमए अध्यक्ष
मेरठ। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के चिकित्सकों ने बृहस्पतिवार को आईएमए हॉल में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि चिकित्सकों के साथ जिस तरह से न्यूटिमा अस्पताल में अभद्रता व गाली-गलौज की गई और बिना बिल दिए मरीज को ले जाया गया, इस तरह की अराजकता अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आईएमए अध्यक्ष डॉ. संदीप जैन ने कहा कि विधायक अतुल प्रधान न्यूटिमा अस्पताल में अपने 30-40 समर्थकों के साथ गए और हंगामा किया। भड़काऊ बयानबाजी की और डॉक्टरों के साथ गाली गलौज की। बिना पूरे बिल का भुगतान किए मरीज को ले गए। आईएमए इस अभद्र व्यवहार का पुरजोर विरोध करती है। इससे मरीजों के इलाज में व्यवधान पैदा होता है, जिससे उनकी जान को खतरा बन सकता है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद अन्य चिकित्सकों ने कहा कि पिछले 15 वर्षों में अनेकों बार अतुल प्रधान अस्पतालों में इसी प्रकार से बिलों का भुगतान किए बिना मरीजों को ले जाते रहे हैं। आईएमए अपने सभी डॉक्टरों के स्वाभिमान की इस लड़ाई में साथ खड़ा है और किसी भी प्रकार की कानून व्यवस्था और अराजकता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने पुलिस प्रशासन से भी ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई करने की मांग की। इस दौरान आईएमए के सचिव डॉक्टर तरुण गोयल, नर्सिंग होम एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ शिशिर जैन, उत्तर प्रदेश आईएमए के उपाध्यक्ष डॉ तनुराज सिरोही, डॉ जेवी चिकारा, डॉ संदीप गर्ग, डॉ अमित उपाध्याय और डॉ मनीषा त्यागी व न्यूटिमा अस्पताल के डॉक्टर आदि रहे।
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आरोपी चिकित्सकों- सिक्योरिटी इंचार्ज पर एफआईआर नहीं हुई तो करूंगा आमरण अनशन: अतुल प्रधान
मेरठ। सरधना विधायक अतुल प्रधान ने बृहस्पतिवार को कुटिया पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि वह हमेशा पीड़ित परिवारों के साथ खड़े रहेंगे। अस्पतालों में जिस तरह से मरीजों से अनाप शनाप पैसे वसूले जा रहे हैं। यह गरीब मरीजों के साथ नाइंसाफी है। इसे वह नहीं होने देंगे। मरीज के परिवार ने भी मेडिकल थाने में तहरीर दी है। अगर उस पर पुलिस एफआईआर दर्ज नहीं करती है तो वह कलक्ट्रेट में आमरण अनशन करेंगे। उन्होंने शाम को जिलाधिकारी को भी ज्ञापन दिया। आरोप लगाया कि 20 बेड का अस्पताल स्वीकृत है और न्यूटिमा 100 बेड का संचालित किया जा रहा है। नियमानुसार पार्किंग नहीं है। और भी कई मानकों की अस्पताल में धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। इस संबन्ध में उन्होंने एमडीए का न्यूटिमा अस्पताल से संबंधित पत्र भी दिया और जांच की मांग की।
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चिकित्सकों पर आरोप लगाकर एसएसपी से शिकायत
न्यूटिमा मामले में मरीज पक्ष की तरफ से मवी मीरा के रहने वाले जितेंद्र सिंह ने एसएसपी से शिकायत कर रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की है। उनका आरोप है कि उनकी पुत्रवधू सोनम की डिलीवरी के बाद 14 अक्तूबर को छुट्टी कर दी गई थी और उनकी बच्ची को नर्सरी में रख लिया गया था। 6 नवंबर को जब बच्ची डिस्चार्ज हुई तो 8 लाख का बिल बताया गया। इसका विरोध किया तो चिकित्सकों ने सुरक्षा अधिकारी को बुलाकर उनके साथ गाली गलौज और अभद्रता करते हुए उन्हें बंधक बना लिया। सुरक्षा अधिकारी ने पिस्तौल दिखाते हुए जान से मारने की धमकी दी और 20-25 सुरक्षाकर्मी बुला लिए। डॉक्टर और हॉस्पिटल स्टाफ ने पर्चे पर दवाई का नाम लिखने के बजाय दवा कोड लिखा और दवाई हॉस्पिटल के अंदर मेडिकल स्टोर से खरीदने की बात की। वह पर्ची उनके पास उपलब्ध है। साथ ही यह कहकर ब्लैकमेल किया कि अगर उनके अनुसार अस्पताल के बने बिल करीब 8 लाख रुपये का भुगतान नहीं किया तो गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करा देंगे। इनमें से 3.50 लाख रुपये वे पहले ही जमा कर चुके थे। सुरक्षा अधिकारी व अन्य सुरक्षाकर्मियों ने डॉक्टरों की मौजूदगी में ही उनकी जेब से दो लाख रोये जबरदस्ती छीन लिए। यह घटना अस्पताल में 6 नवंबर को 4:30 बजे से शुरू होकर शाम 7:00 बजे तक चली। इसकी सूचना मेडिकल थाने में दी थी। पुलिस अस्पताल में आ गई थी, लेकिन सूचना लेने के बाद भी पुलिस अभी तक दर्ज रिपोर्ट दर्ज नहीं की है।