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रिपोर्टिंग चौकी में पांच साल से दर्ज नहीं हुई रिपोर्ट

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लावड़। लावड़ चौकी को थाना बनाने का पुलिस अधिकारी सपना देख रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इस रिपोर्टिंग चौकी का अस्तित्व ही खतरे में है। दरअसल पिछले पांच वर्ष से यहां एक भी रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। आनलाइन रिपोर्ट दर्ज करने की प्रक्रिया के बाद से ही इंचौली थाने में सभी रिपोर्ट दर्ज हो रही हैं। बहुत से फरियादी थाना दूर होने के कारण वहां रिपोर्ट दर्ज कराने नहीं जाते हैं, जिस कारण उनको न्याय नहीं मिल पाता है।
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शुरू से ही होती थी रिपोर्ट दर्ज
पुलिस विभाग ने कस्बे में सालों पहले चौकी बनाई थी। तभी से यहां रिपोर्ट दर्ज हो रही थी। पहले हाथ से रिपोर्ट लिखी जाती थी और जीडी में चढ़ाई जाती थी। आधुनिकता के दौर में पुलिस विभाग भी हाईटेक हुआ और आनलाइन रिपोर्ट दर्ज करने का सिलसिला शुरू किया गया। इसके लिए लावड़ कस्बे में भी कंप्यूटर सेट भेजा गया। हालांकि ऑपरेटर नहीं मिलने के कारण लगभग दो साल तक कंप्यूटर सेट चौकी में पड़े धूल फांकता रहा।
पांच साल से नहीं दर्ज की जा रही रिपोर्ट
फरियादियों की रिपोर्ट दर्ज अब आनलाइन की जाती है। लावड़ कस्बा चौकी को ऑपरेटर नहीं मिला, जिस कारण यहां आने वाली तहरीर थाना इंचौली में भेज दी जाती। कई बार अधिकारियों को चौकी से ऑपरेटर की नियुक्ति के लिए कहा गया, लेकिन ऐसा नहीं हो सका है। जिस कारण पांच साल से इंचौली थाने में ही चौकी पर आने वाली तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज होती आ रही है। कस्बे से इंचौली थाना लगभग 12 किमी दूर है। बहुत से फरियादी थाना दूर होने के कारण वहां रिपोर्ट दर्ज कराने नहीं जाते है। चौकी के अधीन 11 गांव, दो माजरा और लावड़ कस्बा आता है। जिनकी आबादी लगभग 30 हजार के करीब है।
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थाना बनाने के हुए थे आदेश
पुलिस विभाग की ओर से पूर्व में पल्लवपुरम, रोहटा, गंगानगर व लावड़ को थाना बनाने की सूची शासन को भेजी गई थी। लावड़ को छोड़कर पल्लवपुरम, गंगानगर व रोहटा को थाना बना दिया गया। इसके बाद दोबारा डीजीपी के आदेश पर लावड़ व मेरठ में समर गार्डन चौकी को थाना बनाने के आदेश जारी हुए। चौकी पुलिस ने कस्बे में थाना बनाने के लिए जगह भी तलाशी, लेकिन रोड पर राजस्व की भूमि नहीं होने के कारण थाना नहीं बन पाया। आलम यह है कि लावड़ चौकी न तो थाना बन सकी और रिपोर्टिंग चौकी का अस्तित्व भी खतरे में है।
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चौकी की स्थिति
पद तैनाती रिक्त
दरोगा 2 1
सिपाही 15 13
हेड मोहर्रिर 1 शून्य
मेरे संज्ञान में मामला नहीं है। यदि ऐसा है तो जल्द ऑपरेटर की तैनाती कराकर दोबारा चौकी पर रिपोर्ट दर्ज करने का कार्य शुरू कराया जाएगा। -
अविनाश पांडे, एसपी देहात मेरठ
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